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डाउनलोड करेंलुधियाना. 27 जनवरी 2013 में कचहरी परिसर में दोस्त का पिस्टल देखते हुए अचानक गोली चल गई थी। जिससे युवक घायल हो गया था। दोस्त नई खरीदी पिस्टल दिखा रहा था तो उस समय ही यह हादसा हुआ था। तब पुलिस ने पहले यह कह कर मामला दर्ज नहीं किया था कि अभी इसकी शिकायत नहीं मिली है। लेकिन कुछ लोगों ने जब मामला तत्कालीन पुलिस कमिश्नर ईश्वर सिंह के ध्यान में लाया तो उन्होंने संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर दिया था। लेकिन चार दिन पहले मंगलवार को कचहरी परिसर में ठेकेदार के गुर्गों द्वारा अधिक वसूली की शिकायत करने वाले बाप बेटों पर किए गए हमले में लुधियाना पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस इस मामले में पीडि़त की ओर से शिकायत मिलने का इंतजार कर रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अगर कोई शिकायत करने वाला आएगा तभी इस मामले में कार्रवाई की जा सकती है। जब कि वारदात वाले समय पर ही डीसी ने इस संबंध में डीसीपी हर्ष बांसल को मामला बताया था।
गौरतलब है कि प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों की नाक के तले ठेकेदार के गुर्गों ने जम कर गुंडागर्दी की। जिसमें संजय व उसके दो बेटे घायल भी हो गए। संजय का कथित आरोप था कि उन पर दबाव बना कर समझौता करने के लिए मजबूर किया। जबकि हमला करने वाले ठेकेदार के करिंदों ने अपना मेडिकल भी करवा लिया और उन्हें मेडिकल सहायता भी नहीं मिल सकी। संजय का आरोप था कि चौकी इंचार्ज की मौजूदगी में उनके साथ मारपीट हुई और पुलिस मुलाजिमों की मौजूदगी में उसे गोली मारने की धमकी भी दी गई।
पुलिस कार्रवाई करने के लिए आज भी तैयार है। अगर पीडि़त शिकायत दर्ज करवाता है तो उसके बयान के हिसाब से कार्रवाई कर दी जाएगी। पीडि़त चाहे तो सीधा मुझ से मिल सकता है और उसके बयान पर बिना किसी दबाव व पक्षपात के कार्रवाई की जाएगी।
-निर्मल सिंह ढिल्लो, पुलिस कमिश्नर
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