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  • अकाली भाजपा के रिश्ते दिनोदिन हो रहे खराब, कांग्रेस के नेता भी आपसी फूट का शिकार

पंजाब की राजनीति में भी आएगी सुनामी

6 वर्ष पहले
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लुधियाना। कोई तो सुनामी दिल्ली की तरह पंजाब में भी जरूर आने वाला है, तभी तो राजनीतिक सितारे पानी से पहले पुल बांधने में लगे हैं। यह कोई ज्योतिषी की भविष्यवाणी नहीं, बल्कि ताजा हालात बोल रहे हैं। जनता जनार्दन के फैसले के रूप में दिल्ली दहला देने वाली आम आदमी पार्टी की ताकत हर कोई महसूस कर रहा है। कांग्रेस के शीर्ष नेता कह रहे हैं कि आम आदमी पार्टी कांग्रेस के लिए नहीं, बल्कि अकाली-भाजपा के लिए घातक होगी। कुछ ऐसा ही राग अकाली दल के खेमे से भी सुनने को मिल रहा है। दिल्ली में आप को बहुमत मिलने चंद मिनटों बाद पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा था, आम आदमी पार्टी की जीत का पंजाब में कोई असर नहीं।

अकाली भाजपा में मच सकती है खलबली

कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी सरेआम कह रहे हैं कि तरनतारन में उनके भाई पर टीम मजीठिया ने फायरिंग की है। जोशी का कहना है कि उन्होंने पंजाब प्रधान कमल शर्मा से कहा कि भाजपा के चार कैबिनेट मंत्री और चार सीपीए ऐसे अकाली सरकार के साथ नहीं रहना चाहते जो गुंडागर्दी वाली हो। अकालियोें के साथ अब गंठबंधन वाली बात नहीं रह गई। वे और अन्य मंत्री औ साथ में सीपीएस इस्तीफा देने को तैयार हैं।

यह खतरा क्या कम है

कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रताप सिंह बाजवा के बीच प्रधानगी को लेकर चल रही खींचतान के चलते हालात लुधियाना ही नहीं बल्कि पूरे पंजाब में कांग्रेस के लिए अच्छे नहीं है। आप के चुनाव लड़ने पर दिल्ली जैसे हालात आगामी विधानसभा चुनाव में पंजाब में भी न हो, इसका मंथन कांग्रेस ने अभी से करना शुरू कर दिया है। इसी के तहत बुधवार को कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश चौधरी ने सर्किट हाउस में पार्टी सांसद, विधायकों, जिला अध्यक्ष, कौंसलर्स और ब्लॉक प्रधानों के साथ तीन घंटे लंबी मीटिंग कर पार्टी व आम पब्लिक के बीच बढ़ रही दूरियों को खंगालने की कोशिश की। चौधरी ने कार्यकर्ताओं से पार्टी के पिछड़ने व इसकी बेहतरी के लिए अपने-अपने सुझाव भी जिला प्रधान गुरप्रीत गोगी तक पहुंचाने को कहा है। दूसरी ओर आप वर्करों ने दिल्ली जीत की खुशी में रोड शो निकाल कर जताई।

ये कहते हैं ज्योतिषी

दिल्ली विधानसभा चुनावों में भाजपा का पत्ता साफ हो जाने के बाद सियासी हलकों में केंद्र सरकार व भाजपा के भविष्य को लेकर कई प्रकार की सियासी चर्चाएं चल रही हैं। भाजपा का भविष्य कैसा होगा इस बारे में विभिन्न ज्योतिषविदों के विचार दिलचस्प दिखाई दिए। ज्योतिषी प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि वृश्चिक राशि में शनि के संचार से भाजपा का जनसमर्थन घटेगा। उन्होंने कहा कि शनि ने 2 नवंबर, 2014 को रात 8.54 बजे वृश्चिक राशि में प्रवेश किया था तथायह 26 जनवरी 2017 तक इसी राशि में रहेगा। भारत की कुंडली में शनि लग्न से सातवें स्थान में संचार कर रहा है जहां केतु बैठा है जोकि देश के शीर्ष नेतृत्व के लिए अशुभ है। अगर केंद्र की राजनीति में कुछ उतार-चढ़ाव आया तो उसका असर पंजाब पर नहीं पडे़गा इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता।

टिकटों पर मचा घमासान

नगर निगम चुनाव के तहत विभिन्न पार्टियों द्वारा किए गए टिकट वितरण पर घमासान मचा हुआ है। जहां सत्ताधारी गठबंधन अकाली-भाजपा को बागियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं कांग्रेस की हालत और भी दयनीय बनी हुई है जिसके हर उम्मीदवार के खिलाफ बागियों ने मोर्चे संभाल लिए हैं।

आगामी विस चुनाव में खतरे की घंटी बन सकते हैं आप उम्मीदवार
दिल्ली में भाजपा व कांग्रेस का सूपड़ा साफ होने से 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव में आप पार्टी के उम्मीदवार कांग्रेस, अकाली-भाजपा के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकते हैं। नौ महीने पहले राज्य में हुए लोकसभा चुनाव में लुधियाना के कांग्रेसी सांसद रवनीत बिट्टू से करीब 19 हजार वोट से पिछडे़ एचएस फूलका कुल नौ विधानसभा क्षेत्र में से चार पर विजयी रहे थे। इन क्षेत्र में जगराओं, दाखा, गिल, वेस्ट शामिल हैं।

आगे देखें, कैसे चल रहे हैं शीर्ष नेताओं के शब्दयुद्ध का नजारा