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पटियाला के मेयर सहित 3 पर हत्या का मामला दर्ज

9 वर्ष पहले
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पटियाला। मेयर जसपाल सिंह सहित तीन लोगों पर हत्या के आरोप में केस दर्ज किया गया है। कश्मीरी टोबा की परमप्रीत कौर (28) की हत्या के आरोप में नामजद अन्य दो आरोपी परमजीत कौर और हरप्रीत सिंह हैं।
हरप्रीत मृतका परमप्रीत कौर का पति है। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। हत्या रस्सी से दम घुटने से हुई है। इसकी पुष्टि एसपी (डी) प्रितपाल सिंह थिंद ने की।
अमरजीत सिंह निवासी हरिंदर नगर ने पुलिस को बताया कि उसकी बेटी परमप्रीत की शादी 26 मार्च 2003 को हरप्रीत सिंह से हुई थी। हरप्रीत मेयर का करीबी बताया जाता है। परमप्रीत के एक बेटी और बेटा है।
शनिवार को किसी ने चंडीगढ़ में रहती उसकी बड़ी बेटी अमनप्रीत को फोन किया कि परमप्रीत की हालत खराब है। उनका भाई तेजिंदर सिंह जब घटनास्थल पर पहुंचे तो परमप्रीत बेड पर लेटी हुई थी और जमीन पर रस्सी पड़ी हुई थी।
घटनास्थल पर मेयर जसपाल सिंह, परमजीत कौर, हरप्रीत सिंह तथा एक अन्य महिला मौजूद थे। अमरजीत सिंह ने बताया कि जब उसके भाई ने परमप्रीत को अस्पताल ले जाने की कोशिश की तो आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। उसकी पगड़ी उतार दी। वह परमप्रीत को लेकर राजिंदरा अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित करार दे दिया।
ससुराली करते थे परेशान
अमरजीत सिंह ने बताया कि परमप्रीत के ससुराल वाले शादी के बाद से ही उसे परेशान करते आ रहे थे। परमप्रीत ने आत्महत्या की कोशिश की थी। कई बार तो उन्होंने बैठ कर मामला शांत करवाया। आरोपी हरप्रीत सिंह तलाक लेने की बात भी कर रहा था। परमप्रीत कौर के चाचा तेजिंदर सिंह ने बताया कि परमप्रीत की हत्या के बाद आरोपी परमप्रीत का संस्कार चोरी छिपे करना चाहते थे।
एसएसपी ने बनाई मीडिया से दूरी
घटना के बाद मोर्चरी में पहुंचे एसएसपी गुरप्रीत सिंह गिल आए तो मुख्य गेट से थे, लेकिन पत्रकारों से बचने के लिए वह पीछे से गेट से बाहर निकल गए।
मुझे साजिश के तहत फंसाया जा रहा : मेयर
आरोपी मेयर जसपाल प्रधान ने मामले को राजनीति से प्रेरित साजिश बताया। उन्होंने कहा कि परमप्रीत की सास परमजीत कौर के परिवार से उनके चालीस साल पुराने संबंध हैं। उन्हें न्यायिक व्यवस्था में विश्वास है और वह मामले से खरा होकर निकलेंगे।
एमरजेंसी में टकराव
राजिंदरा अस्पताल में जब डॉक्टरों ने परमप्रीत को मृत करार दिया तो परिजनों ने एमरजेंसी में खड़े मेयर और अन्यों से हाथापाई शुरू कर दी। बचाव में मेयर पक्ष ने भी हाथापाई की। जोकि 10 मिनट चलती रही।
कैप्टन ने की निंदा
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हत्या मामले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि अब देखना है कि इस मामले में सुखबीर बादल क्या न्याय करते हैं।