लुधियाना. फोकल प्वाइंट के फेज-5 स्थित शिव शक्ति हैंड टूल्स फैक्ट्री के अंदर शुक्रवार की रात 11:30 बजे दर्जनभर हथियारबंद लुटेरे घुस आए। अंदर घुसते ही लुटेरों ने पहले सिक्योरिटी गार्ड को पीटना शुरू किया और फिर पिस्टल की नोक पर फैक्ट्री के मुलाजिमों को बांधकर एक कमरे में बंद कर दिया। लुटेरे सबसे पहले फैक्ट्री मुलाजिमों के
मोबाइल कब्जे में लेकर उसकी बैट्री निकाल ली। करीब ढाई घंटे तक बदमाश बेखौफ होकर यहां लूटपाट करते रहे। लुटेरों ने एक-एक कर फैक्ट्री के सारे कुंडे तोड़ डाले और फैक्ट्री से 2.5 लाख कैश, करीब 25 लाख के डाई ब्लॉग्स, 4 लाख रुपए के निकेल, 3 लाख के कॉपर और 25 लाख रुपए के तैयार माल समेत 70 लाख के सामान लूटकर ले गए। लुटेरे अपने साथ फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर और कंप्यूटर भी खोलकर अपने साथ ले गए।
कुंडे तोड़ते लिफ्ट से थर्ड फ्लोर तक जा पहुंचे लुटेरे: फैक्ट्री के मालिक रमन दत्ता ने बताया कि रात 11.30 बजे के करीब िकसी ने मेन गेट नॉक किया। सिक्योरिटी गार्ड ने गेट का छोटा दरवाजा खोला तो अचानक से दर्जनभर नकाबपोश बदमाश अंदर घुस गए। इनमें से चार बदमाशों के पास पिस्टल थे। लुटेरों ने अंदर घुसते ही काम रहे सभी मुलाजिमों को उसके मशीन के पास ही रोक लिया। फिर बारी-बारी से सबको एक कमरे में बंद कर दिया। फैक्ट्री में सभी ताले अच्छी ब्रांड के लगाए गए हैं, इसलिए चोरों तालों की जगह सभी कुंडे तोड़े और कीमती सामान ढूंढते ऊपर लिफ्ट से थर्ड फ्लोर तक जा पहुंचे।
15 कुंडे तोड़कर निकल तक पहुंचे लुटेरे
रमन दत्ता ने बताया कि 10-15 तारीख को मुलाजिमों को सैलरी देने का समय होता है। एक दिन पहले ही उन्होंने पहले ही कुछ मुलाजिमों को सैलरी दी थी। ज्यादा कैश लाने के डर से वे धीरे-धीरे कुछ दिनों के अंतर पर सैलरी बांटते हैं। फैक्ट्री के किसी मुलाजिम को पता था कि फैक्ट्री में अभी कैश आना है और अंदर कीमती सामान कहां-कहां रहता है। लुटेरे 15 कुंडे तोड़कर अंदर के कमरे से 2 क्विंटल निकल अपने साथ ले गए। किसी फैक्ट्री मुलाजिम की मिलीभगत से ही लुटेरों ने घटना को अंजाम दिया है।
हमने फैक्ट्री मालिक के बयानों पर मामला दर्ज कर लिया है। आशंका थी कि कुछ साल पहले फैक्ट्रियों में लूट करने वाले चंद्रमा गैंग ने वारदात को अंजाम दिया है। लेकिन चंद्रमा गैंग का मुख्य सरगना अभी जेल में है। उस गैंग के अन्य मेबरों के बारे में जांच की जा रही है। इसके अलावा पुलिस कई ओर पहलुओं पर भी जांच कर रही है। फैक्ट्री के वर्करों से भी पूछताछ जारी है।
-इंस्पेक्टर सुरिंदर सिंह, थाना फोकल प्वाइंट।
पहले भी हो चुकी है इस तरह की घटना
फैक्ट्री के मालिक रमन दत्ता ने बताया कि निकल करीब 1500 रुपए किलो के हिसाब बिकता है, जबकि कॉपर 400 रुपए किलो। दोनों चीजें यहां आसपास के कबाड़ी चोरी-छिपे आसानी महंगे भावों पर खरीद लेते हैं। पांच साल पहले भी फोकल प्वांइट इलाके में निकले और कॉपर चोर चंद्रमा गिरोह ने कई फैक्ट्रियों को निशाना बनाया था। बाद में गिरोह का सरगना तो पुलिस के हत्थे चढ़ गया, लेकिन गैंग आधा दर्जन के करीब सदस्य दोबारा से बीच-बीच में सक्रिय होते गए।