लुधियाना । स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए एक इंजेक्शन लगवा कर इस बीमारी के भारी भरकम इलाज के खर्च से बचा जा सकता है। मार्केट में 600 रुपए में वैक्सीन के तौर पर उपलब्ध वैक्सीग्रिप और इंफ्लूमैक नाम का यह इंजेक्शन साल में सिर्फ एक बार ही लगवाना पड़ता है। इसके अलावा विटामिन-सी की टेबलेट भी स्वाइन फ्लू से बचाने में कारगर साबित होती है।
माहिर डॉक्टरों का मानना है कि अगर लोग प्रिवेंशन इज बेटर देन क्योर का फार्मूला अपनाएं तो हजारों-लाखों रुपये के खर्च के साथ-साथ मौत के खतरे को भी टाला जा सकता है। फोर्टिस हॉस्पिटल की मेडीसन स्पेशलिस्ट डॉ. हरप्रीत बराड़ का कहना है कि स्वाइन फ्लू उस व्यक्ति के लिए खतरनाक होता है, जिसकी इम्युनिटी पावर कम हो। 60 साल से अधिक की उम्र के लोगों, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, एचआईवी व कैंसर से पीड़ित मरीजों की इम्युनिटी पावर काफी कम होती है। स्वाइन फ्लू से बचने के लिए अब मार्केट में वैक्सीन उपलब्ध है।
डॉ. बराड़ के मुताबिक स्वाइन फ्लू के सीजन में विटामिन सी की 500 मिलीग्राम की एक टेबलेट रोज लेने से इम्युनिटी पावर बढ़ती है। जिस कारण स्वाइन फ्लू का खतरा कम हो जाता है।
कपूरथला की थी पीड़िता
स्वाइन फ्लू से पीड़ित और दयानंद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (डीएमसीएच) में दाखिल कपूरथला के गांव इब्राहीमपुर की 63 वर्षीय महिला की मौत हो गई। इससे पहले 7 फरवरी को जालंधर के अर्जुन नगर के 35 वर्षीय युवक की भी क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (सीएमसीएच) में मौत हो गई थी।
मंगलवार को दम तोड़ने वाली कपूरथला की महिला 31 जनवरी को डीएमसीएच में दाखिल हुई थी। उसका सैंपल टेस्ट के लिए पीजीआई चंडीगढ़ भेजा गया था। जहां से 7 फरवरी को उसकी रिपोर्ट पॉजीटिव आने से उसे स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हो गई थी। शहर के डीएमसी, सीएमसी, फोर्टिस व अपोलो में दाखिल रहे सस्पेक्टेड मरीजों में से 14 लोगों की रिपोर्ट पॉजीटिव आ चुकी है।