लुधियाना. नई बन रही कोठी में ड्यूटी दे रहे सिक्योरिटी गार्ड की आग की चपेट में आने से जलकर मौत हो गई। पक्खोवाल रोड पर स्थित छाबड़ा कॉलोनी में हुए हादसे के बारे में उस समय जानकारी मिली जब दूसरी कोठी में तैनात सुरक्षा गार्ड सुबह उसे बुलाने के लिए आया।
उसने देखा कि गार्ड की बुरी तरह से जली हुई लाश पड़ी थी। उसने तुरंत इसकी जानकारी कोठी के मालिक को देने के साथ पुलिस को दी। हादसे की जानकारी होते ही चौकी ललतों के इंचार्ज पवित्र सिंह मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने मौका मुआयना कर लाश के बचे हुए हिस्से को कब्जे में ले लिया। मरने वाले सिक्योरिटी गार्ड की पहचान गांव थरीके के रहने वाले गुरदीप सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके चाचा कुलवंत सिंह के बयान पर रिपोर्ट बनाकर मामले की कार्रवाई शुरू कर दी है।
कुलवंत सिंह ने बताया कि गुरदीप पिछले काफी समय से दिमागी तौर पर परेशान था। पहले उसका अपनी पत्नी के साथ झगड़ा चल रहा था। करीब 3 महीने पहले दोनों का तलाक हो गया। उसकी एक 8 साल की बेटी है। तलाक के बाद उसकी परेशानी और बढ़ गई थी। जिससे वह सिक्योरिटी एजेंसी में काम करने लगा। कुछ दिनों से उसकी ड्यूटी छाबड़ा कॉलोनी में बन रही नई कोठी की देखरेख में लगी थी। उसके पड़ोस में काम करने वाले सुरेंदर ने बताया कि रात करीब 11 बजे भी वह कोठी के बाहर खड़ा था।
इंस्पेक्टर पवित्र सिंह के अनुसार जांच में पता चला है कि वह कोई नशा नहीं करता था। वह किसी बीमारी से ग्रस्त होने के साथ दिमागी तौर पर परेशान था। शुरुआती जांच में पता चला है कि रात को सर्दी के चलते कोठी के कोने में अलावा जलाकर बैठता था। आशंका है कि आग सेंकते हुए गुरदीप उसके ऊपर गिर गया और उसका शरीर जलकर राख हो गया। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।