लुधियाना । शहर के नौघरा मोहल्ले स्थित शहीद सुखदेव थापर का पुश्तैनी मकान इस बार उनके शहादत दिवस पर बदला सा नजर आएगा। शहीद-ए-आजम भगत सिंह व उनके साथियों राजगुरु व सुखदेव थापर का शहादत दिवस 23 मार्च को है। इस मौके पर तमाम देशभक्त नौघरा मोहल्ले में इस ऐतिहासिक मकान में श्रद्धासुमन अर्पित करने जाते हैं। इसे संवारने का काम पुरातत्व विभाग द्वारा कराया जा रहा है।
यहां काबिलेजिक्र है कि शहीद सुखदेव थापर मेमोरियल ट्रस्ट ने करीब बीस साल पहले इस ऐतिहासिक मकान को संवारने की मुहिम चलाई थी। ट्रस्ट के प्रमुख अशोक थापर इत्तेफाक से शहीद सुखदेव के पुश्तैनी मकान के सामने ही रहते हैं। उन्होंने ट्रस्ट के आेहदेदारों व थापर बिरादरी के सहयोग से इस मकान में रहने वाली महिला को मुआवजा देकर इसे खाली करवाया था। फिर इस ऐतिहासिक मकान के अंदरुनी हिस्से की मरम्मत भी कराई गई थी। ट्रस्ट इसके साथ ही शहीद सुखदेव के जन्मदिन व शहादत दिवस पर यहां विशेष कार्यक्रम कराता है।
इसे लेकर विवाद की स्थिति तब बनी, जब 26 जनवरी 2012 को पुरातत्व विभाग ने इसे ऐतिहासिक मकान के तौर पर खुद इसकी देखभाल का दावा करते हुए पुलिस प्रशासन के जरिए ताला जड़वा दिया था। इसके खिलाफ ट्रस्ट ने हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी। उनके वकील का तर्क था कि इसे संवारने का काम ट्रस्ट ने किया, लिहाजा इसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी उसे ही दी जाए। इस पर हाईकोर्ट ने डिप्टी कमिश्नर की निगरानी में पुरातत्व विभाग व ट्रस्ट के प्रतिनिधियों की ज्वाइंट कमेटी बना दी थी। जिसकी आपसी सहमति से इस ऐतिहासिक मकान को संवारने व इसकी देखभाल का काम किया जाएगा।
ऐतिहासिक विरासत तरीके से संवारी जाए: शहीद सुखदेव थापर मेमोरियल ट्रस्ट के प्रमुख अशोक थापर चाहते हैं कि शहीद के पुश्तैनी मकान को ऐतिहासिक विरासत का दर्जा दिया गया है तो इसको तरीके से संवारा जाए। हाईकोर्ट के आदेश पर इसकी निगरानी को बनी ज्वाइंट कमेटी के मेंबर होने के नाते अशोक इस बाबत डीसी को एक मेमोरेंडम भी दे चुके हैं। उनका सुझाव है कि शहीद के पुश्तैनी मकान के आगे बने कैंपस में भी पक्का फर्श व लाइट पोल्स लगाकर इसका ब्यूटीफिकेशन किया जाए।