लुधियाना. प्राइम लोकेशन की प्रॉपर्टी को दूसरी जगह पर दिखाकर निगम की हाउस टैक्स ब्रांच को चूना लगाने वालों की पहचान शुरू कर दी गई है। इसके लिए निगम अफसर मुख्य सड़कों पर स्थित कॉमर्शियल बिल्डिंग्स और मॉल्स का सर्वे शुरू कर चुका है। जिस प्रॉपर्टी को अंडर वैल्यू पाया जा रहा है, उन्हें निगम की तरफ से नोटिस भेजकर टैक्स जमा करने के लिए कहा गया है। अभी तक निगम के चारों जोन से लगभग 32 प्रापर्टी मालिकों को नोटिस भेजकर टैक्स भरने के लिए कहा जा चुका है। ऐसा ना होने की सूरत में उन्हें अगली कार्रवाई के लिए तैयार करने के लिए कहा गया है। इससे जहां निगम की आय बढ़ेगी, वही इस राशि को सिटी के विकास कार्य पर खर्च किया जा सकेगा।
एक लाख कॉमर्शियल प्रॉपर्टी को हो रहा सर्वे
कॉमर्शियल प्रॉपर्टी को अंडर वैल्यू दिखाकर हाउस टैक्स ब्रांच को सैकड़ों लोग चूना लगा चुके हैं।अब ऐसी इमारतों की पहचान करने के लिए निगम अफसर डाटा खंगालना शुरू कर चुका है। निगम एरिया में लगभग एक लाख कॉमर्शियल यूनिट हैं, जोकि पहले हाउस टैक्स से दायरे में आ रहे थे। इस सर्वे में पहले निगम की तरफ से सिटी मुख्य सड़कों का डाटा निकाला जा रहा है। इसमें प्रॉपर्टी मालिक द्वारा भरी गई रिटर्न को देखा जा रहा है। इसके बाद जिस मुख्य रोड पर यह प्रॉपर्टी है, उसकी अब की कीमत को लिया जा रहा है। इन दोनों जो डिफरेंस आ रहा है। उसके हिसाब से प्रापर्टी मालिक को नोटिस भेजकर बाकी राशि अदा करने के लिए कहा जा रहा है।
ऐसे दिखाई जाती है अंडर वैल्यू
अगर किसी व्यक्ति की प्रॉपर्टी फिरोजपुर रोड पर है। लेकिन उसकी रजिस्ट्री फिरोजपुर रोड की बैक साइड पड़ते राजगुरु नगर या फिर रणधीर नगर की होती है। क्योंकि एक खसरा नंबर काफी बड़ा एरिया शामिल होता है। ऐसे में फिरोजपुर रोड की अगर आज के हिसाब से प्रति गज वैल्यू एक लाख रुपये से ज्यादा है। लेकिन इस प्रापर्टी की हाउस टैक्स ब्रांच में रिटर्न फाइल करते समय व्यक्ति रजिस्ट्री राजगुरु या फिर रणधीर नगर में दिखाता है। उसके हिसाब से प्रापर्टी की वैल्यू 25 से 30 हजार रुपये प्रति गज के बीच में है। अगर इस हिसाब से हाउस टैक्स की कैलकुलेट किया जाए, तो बहुत कम होता है।