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डाउनलोड करेंलुधियाना। देश की विभिन्न जेलों में बंद सिख बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर पिछले 24 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे 83 वर्षीय सूरत सिंह खालसा को भले ही प्रशासन ने रविवार की सुबह जबरन उठाकर सिविल हॉस्पिटल में दाखिल करा दिया, लेकिन यहां आकर भी उन्होंने इलाज कराने से लिखित में इंकार कर दिया। जिसे लेकर अस्पताल प्रशासन असमंजस में हैं, क्योंकि उनकी इंटरनल मांसपेशियां कमजोर पड़ने लगी हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर अगले 3 दिन तक उन्होंने भूख हड़ताल खत्म नहीं की तो, उन्हें फ्लूड लगाना जरूरी हो जाएगा।
सिख बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर सूरत सिंह खालसा की भूख हड़ताल 25वें दिन भी जारी रही। सोमवार को भी उन्होंने ट्रीटमेंट करने की डॉक्टरों की रिक्वेस्ट मौके पर मौजूद तहसीलदार के सामने रिजेक्ट कर दी। अपने बेटे हरविंदरजीत सिंह और एनआरआई बेटी सरवरिंदर कौर की मौजूदगी में उन्होंने लिखित में इलाज लेने से इंकार कर दिया। हालांकि उन्होंने ओआरएस का घोल और पानी पी लिया। 83 साल के खालसा को कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच इमरजेंसी और ट्रॉमा वार्ड के बीच स्पेशल कमरे में रखा गया है। उनसे मिलने के लिए पहुंचने वाले हर व्यक्ति का रिकॉर्ड रखा जा रहा है। दो-तीन के ग्रुप में ही लोगों को उनसे मिलने के लिए भेजा जा रहा है। यूनाइटेड अकाली दल के प्रधान मोहकम सिंह, समाना से बगीचा सिंह वड़ैच, विक्रम सिंह खालसा, गुरचरण सिंह खालसा, भाई रमनदीप सिंह, राड़ा साहिब से गुरतेज सिंह गुरी, यूनाइटेड अकाली दल मिशन कमेटी के आरएस खालसा, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब के प्रधान प्रितपाल सिंह समेत चार दर्जन के करीब लोग उनसे मिलने के लिए अस्पताल पहुंचे।
कमजोर पड़ने लगी हैं इंटरनल मांसपेशियां : डॉ. जिंदल
सूरत सिंह खालसा का चेकअप कर रहे सिविल हॉस्पिटल के मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ. अविनाश जिंदल ने बताया कि उनका ब्लड प्रेशर 150/90 पर स्थिर है। हर एक घंटे बाद उसे चेक किया जा रहा है। शुगर निल आ रही है। लेकिन उनके यूरीन का केटोन टेस्ट पॉजीटिव आया है। उसमें स्टार विजन दिख रहे हैं। जो इस बात का संकेत है कि खालसा की इंटरनल मांसपेशियां कमजोर पड़ने लगी हैं। लेकिन वे फ्लूड नहीं लगवाने पर अड़े हुए हैं। अगले 3 दिन तक इसी तरह चला तो उन्हें फ्लूड लगाना जरूरी हो जाएगा। सूरत सिंह खालसा का चेकअप करने के लिए डीएमसी के डीन एकेडमिक डॉ. राजू सिंह छीना भी सिविल हॉस्पिटल पहुंचे थे।
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