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पंजाबियों ने नेत्रदान में भी अपना रेकॉर्ड सुधार ही लिया...

9 वर्ष पहले
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लुधियाना. कुछ साल पहले पंजाबी नेत्रदान में कंजूस माने जाते थे। देश भर में जितनी आंखें दान होतीं, उसमें पंजाब का योगदान एक फीसदी से भी कम था। अब हालात बदल गए हैं। लोग इतने जागरूक हो गए हैं कि लुधियाना के पुनर्जोत आई बैंक के पास डिमांड से ज्यादा आंखें आ रही हैं।

साल 2003 में जहां आई बैंक को 156 कार्निया मिले थे, वहीं इस साल जनवरी के महीने में ही उनके पास 108 कार्निया आ गए हैं। संस्था के पास कार्निया ट्रांसप्लांटेशन की वेटिंग लिस्ट पूरा करने के बाद भी काफी कार्निया बच जाते हैं। ये योगदान बेकार न चला जाए, इसके लिए आई बैंक प्रबंधकों ने ब्लाइंडनेस कंट्रोल प्रोग्राम के अफसरों को कहा है कि जिन आई बैंकों के पास ऐसे मरीजों की वेटिंग लिस्ट है, उनको यहां से कार्निया भिजवा दें। पीजीआई चंडीगढ़ व एम्स दिल्ली को भी कार्निया भेजने की तैयारी है। कार्निया पैक करके दिल्ली जाने वाली बस से इसे भिजवाने के लिए पंजाब रोडवेज के जीएम से बात चल रही है।