75000 इंडस्ट्रियलिस्ट्स के विश्वास पर खरे नहीं उतरे गाबडिय़ा

8 वर्ष पहले
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लुधियाना. मिक्स लैंड यूज एरिया को सुविधाएं देने के नाम पर चल रही पॉलिटिक्स जनवरी का पहला सप्ताह बीतने के बाद भी नहीं खत्म हो सकी। अकाली दल के वरिष्ठ नेता और जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन हीरा सिंह गाबडिय़ा का दावा तीसरी बार भी फ्लाप रहा। पहले 15 नवंबर की मीटिंग में डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल की घोषणा पर अडंगा लगाना, फिर 15 दिन में नोटिफिकेशन जारी करने का दावा करना।

15 दिन गुजरे तो जनवरी के पहले सप्ताह में नोटिफिकेश कराने का लालीपॉप देने वाले गाबडिय़ा 75000 से ज्यादा इंडस्ट्रियलिस्ट्स के विश्वास पर खरे नहीं उतर सके हैं। गाबडिय़ा ने मंगलवार को कोई टाइम लाइन देने के बजाए कहा कि नोटिफिकेशन तैयार है। हाउसिंग बोर्ड के डायरेक्टर ए वेणु प्रसाद छुट्टी पर हैं, उनके आने पर नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।

मिक्स लैंड यूज एरिया में फैक्टरी चलाने वाले 75 हजार छोटे इंडस्ट्रियलिस्ट्स एक बार फिर से निराश हुए हैं। अगर मंगलवार को नोटिफिकेशन जारी हो जाता तो मिक्स लैंड यूज एरिया के इंडस्ट्रियलिस्ट्स को इंडस्ट्रियल एरिया जैसी सुविधाएं प्राप्त होती। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। 15 नवंबर से अब तक नोटिफिकेशन का इंतजार है। गाबडिय़ा इसका क्रेडिट लेना चाह रहे हैं, जिससे इसमें देरी हो रही है। इंडस्ट्रियलिस्ट्स का आरोप है कि जो काम 15 नवंबर 2013 को होना था, गाबडिय़ा के कारण अभी तक नहीं हो सका। इससे मिक्स लैंड यूज एरिया के इंडस्ट्रियलिस्ट्स को न तो बिजली कनेक्शन मिल रहा है, न ही पॉवर के लोड बढ़ाने की परमिशन मिल रही है। इससे छोटी इंडस्ट्री बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है।

इंडस्ट्रियल एरिया बनने से मिलेंगी सुविधाएं

इंडस्ट्रियलिस्ट्स जसविंदर सिंह ठुकराल कहते हैं कि मिक्स लैंड यूज एरिया को अगर इंडस्ट्रियल एरिया बना दिया जाए तो नए बिजली कनेक्शन मिलना शुरू होगा। बिजली का लोड बढ़ाने की अनुमति मिल सकती है।चेंज ऑफ लैंड यूज में रियायत मिलेगी। केंद्र और राज्य सरकार की तमाम योजनाओं में छोटे इंडस्ट्रियलिस्ट्स को लाभ मिल सकेगा।छोटी इंडस्ट्री को मैन्युफैक्चरिंग में उपयोग होने वाली मशीनरी की खरीद पर सब्सिडी मिलेगी। एसएमई रजिस्ट्रेशन होता और इससे कई बैंकों से आसानी से कम ब्याज पर कर्ज मिल सकेगा।