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पीटीयू के वीसी को मिले जाली वारंट

9 वर्ष पहले
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चंडीगढ़. पंजाब टैक्निकल यूनिवर्सिटी (पीटीयू) के वाइस चांसलर रजनीश अरोड़ा और रजिस्ट्रार एचएस बैंस को दिल्ली पुलिस के जाली वारंट मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जब इस बारे में दिल्ली पुलिस के कमिश्नर नीरज कुमार को बताया गया तो उनके भी होश उड़ गए। उन्होंनेे मामले की जांच एसीपी स्तर के अधिकारी को सौंप दी है।

साजिश या पुलिस की मिलीभगत
वारंट में दोनों अधिकारियों को आईपीसी की धारा 354 और 509 के तहत महिलाओं से बदसलूकी का आरोपी बताया गया है। दोनों को जांच में शामिल होने के लिए 19 फरवरी को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन, नई दिल्ली बुलाया गया। वारंट में 5 जनवरी 2013 को दर्ज हुई एफआईआर नंबर 2 का हवाला भी दिया गया है।

यूनिवर्सिटी के आला अधिकारियों ने जब इस वारंट की सत्यता जांचने के लिए दिल्ली पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि इन दोनों अधिकारियों को किसी पूछताछ के लिए बुलाया ही नहीं गया है। ऐसे में इन अधिकारियों का आरोप है कि यह उनकी छवि खराब करने की साजिश है और इसमें दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत भी हो सकती है।

दिल्ली पुलिस के समक्ष पेश हुए वीसी: वीसी रजनीश अरोड़ा ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस के कमिश्नर नीरज कुमार के सामने पेश होकर मांग की कि दिल्ली पुलिस के नाम पर उनके खिलाफ ऐसी साजिश रचने वाले पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इस पर कमिश्नर ने कहा कि एसीपी स्तर का अधिकारी जांच करेगा कि वारंट किसने जारी किए, जबकि किसी मामले की जांच में शामिल होने के लिए उनका नाम ही नहीं आया है। रजनीश अरोड़ा ने कमिश्नर से मांग की कि इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस के बजाय विजिलेंस से कराई जाए।

ये है मामला

5 जनवरी 2013 को पीटीयू के सभी लर्निंग सेंटरों के अधिकारियों की मीटिंग दिल्ली में बुलाई गई थी, जिसमें दो रीजनल सेंटरों को बंद करने की जानकारी दी जानी थी। बैठक में उन रीजनल सेंटरों के अधिकारी भी पहुंच गए, जिन्हें बंद किया गया था। इन सेंटरों के अधिकारियों के साथ मीटिंग में आईं कुछ महिलाओं ने पीटीयू के छह अधिकारियों पर बदसलूकी का आरोप लगाया और मामले को तूल पकड़ते देख दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में केस दर्ज कर लिया गया। जिन लोगों पर केस दर्ज किया गया, उनमें पीटीयू के वीसी रजनीश अरोड़ा या रजिस्ट्रार एचएस बैंस का नाम नहीं था। इनमें डिप्टी रजिस्ट्रार एसएस वालिया, डिप्टी कंट्रोलर एसके काजल, आदित्य झा, बदरी प्रसाद, महावीर कुमार, प्रवीण कुमार का नाम शामिल था।