लुधियाना. सिटी पुलिस अब हाईटेक तरीके से ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वालों पर कार्रवाई करेगी। इसके लिए
मोबाइल एप तैयार करवाया गया है। जो स्पेशल सॉफ्टवेयर से कनेक्टेड होगा। इससे ट्रैफिक चालान का काम डिजिटलाइज्ड हो जाएगा और एंड्रायड मोबाइल पर एप में गाड़ी का नंबर और रूल्स तोड़ने के ऑफेंस भरकर मौके पर ही प्रिंटआउट निकल आएगा। मैनुअल रसीद बुकों का काम कम होने से वर्कलोड व टाइम घटेगा तो ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वाले ज्यादा लोगों के चालान होंगे। जल्द इसे सीनियर अफसरों व फील्ड स्टाफ को दे दिया जाएगा। दैनिक भास्कर के ‘हादसों के खिलाफ भास्कर महा अभियान' के साथ जुड़ी पुलिस ने ट्रैफिक सिस्टम सुधारने के लिए यह नया एफर्ट किया है।
ऑन द स्पॉट पता चलेगी सच्चाई
अभी पुलिस के पास चालान का ऑनलाइन डेटा नहीं है। मगर, मोबाइल एप के सॉफ्टवेयर से पुलिस व्हीकल रजिस्ट्रेशन के नेशनल डेटा पोर्टल www.vahan.nic.in, ड्राइविंग लाइसेंस रिकॉर्ड के www.sarathi.nic.in और पुराने चालान के लिए www.ludhianatraffic.com से कनेक्टेड हो जाएगी। जैसे ही पुलिस किसी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर इसमें डाला जाएगा तो गाड़ी व चालान के बारे में कंपलीट डिटेल आ जाएगी। इससे गाड़ी, उसके रजिस्ट्रेशन नंबर, मालिक और ड्राइविंग लाइसेंस की वेरीफिकेशन के साथ पहले काटे चालान का रिकॉर्ड भी आ जाएगा।
डीएल कैंसल के साथ जुर्माना भी डबल-ट्रिपल
अभी पुलिस को पता नहीं होता कि किसी गाड़ी का पहले कब और किस जुर्म में चालान हुआ। लेकिन इस एप से इसका भी पता चलेगा। फिर नियमों के मुताबिक 3 बार शराब पीकर ड्राइविंग से चालान कटने पर डीएल कैंसल करने भेजा जाएगा। वहीं, बार-बार एक ही रूल्स तोड़ने पर जुर्माना भी डबल और ट्रिपल वसूला जाएगा। चार बार रूल तोड़ने पर डीएल कैंसल हो जाएगा। वहीं, नए ट्रैफिक रूल्स में प्वाइंट सिस्टम आ रहा है। इसमें चालान काटने पर ड्राइविंग लाइसेंस से प्वाइंट कटते जाएंगे। फिर डीएल कैंसल होगा और 6 महीने बाद दोबारा नए सिरे से डीएल बनाना पड़ेगा।
अब बनेंगे अवेयरनेस, कम्पलेंट एप
इसके बाद पुलिस दो नए मोबाइल एप बना रही है। एक में लोगों को ट्रैफिक रूल्स अवेयरनेस और ट्रैफिक एडवाइजरी मिलेगी। वहीं, दूसरे में लोग कहीं भी ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वालों की फोटो खींचकर कंपलेंट कर सकेंगे। अभी वाला एप सिर्फ पुलिस यूज करेगी। आगे जो दो नए एप आएंगे, उन्हें पब्लिक भी एंड्रायड मार्केट से डाउनलोड कर सकेगी।
नया मोबाइल एप बनकर तैयार है। इसमें 3-4 साल का डेटा फीड कर रहे हैं। फिर इसे लांच कर इस्तेमाल शुरू कर दिया जाएगा। -प्रमोद बान, पुलिस कमिश्नर