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डाउनलोड करेंलुधियाना। पंजाब के सीएम कभी आदर्श स्कूल और कभी शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के दावे करते पर सही में देखा जाए तो पंजाब में सरकारी स्कूलों का हाल बहुत खराब है। जहां तक कि छात्रों को पीने के लिए साफ पानी भी नहीं मिल रहा। पानी के सैंपलों का फेल होना जारी है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से स्कूलों से मांगी जा रही पानी के सैंपलों की जांच रिपोर्ट में मंगलवार को फिर तीन स्कूलों के सैंपल टैस्टिंग में फेल पाए गए। हैरानी तो इस बात की है कि इन स्कूलों में एक स्कूल ऐसा भी है यहां पानी साफ करने के लिए फिल्टर भी लगाया गया है। फिर भी पानी के सैंपल सही साबित नहीं हुए। शिक्षा विभाग के पास सोमवार को पहुंची जांच रिपोर्ट में कर्मसर के सरकारी सीसै स्कूल, जवाहर नगर के सरकारी सीसै स्कूल लड़के व रतोवाल के मिडल स्कूल के पानी के सैंपल नेगेटिव हैं। छात्रों को पीने वाला पानी मुहैय करवाने के लिए सरकार को एनजीओ पर निर्भर होना पड़ रहा है। जिन स्कूलों में आरओ सिस्टम लगा हुआ है वहां भी पानी पीने लायक नहीं है। इसका कारण जिन स्कूलों में फिल्टर लगा है वहा उसकी संभाल नहीं हो रही। पानी की टंकियां भी गंदी हैं। नेगेटिव रिपोर्ट आने पर अब स्कूल सफाई की बात कर रहे हैं। विभाग ने रिपोर्ट 10 फरवरी तक मांगी थी। जिले में 531 सरकारी स्कूल हैं सिर्फ 461 स्कूलों ने रिपोर्ट जमा करवाई है। 75 स्कूलों की रिपोर्ट का अता-पता ही नहीं है। डीईओ ने बकायदा पत्र भेजकर इन स्कूलों को 9 फरवरी तक रिपोर्ट जमा कराने के लिए कहा था।
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