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शादी के 15 दिन बाद जलाया था पत्नी को, कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा

9 वर्ष पहले
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लुधियाना. स्पेशल कोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए तीन तारीखों में ही फैसला सुना दिया।
स्पेशल कोर्ट के एडीशनल सेशन जज मंदीप पन्नू की अदालत ने दहेज के लिए नव विवाहिता को जिंदा जलाने के दोष में हैबोवाल जस्सियां रोड निवासी पति राकेश कुमार, सास शकुंतला और ससुर छोटे लाल को जुर्माने के साथ 10-10 साल की सजा सुनाई है। थाना सलेम टाबरी की पुलिस ने महिला के भाई सोनू की शिकायत पर 27 मार्च 2010 को मामला दर्ज किया था।
मारते थे ताने
पुलिस को दिए बयान में मृतका के भाई ने बताया था कि वह दर्जी का काम करता है और उसकी 8 बहनों में से सुमन की शादी जस्सियां के रहने वाले राकेश कुमार के साथ 26 नवंबर 2009 को थी। लेकिन शादी के करीब 10-15 दिन के बाद ही उसके पति राकेश, ससुर छोटे लाल औा सास शकुंतला ने दहेज कम लाने के ताने मारने शुरू कर दिए।
बेड पर पड़ा था शव
26 मार्च 2009 को शाम करीब 5 बजे फोन पर परिवार वालों को सूचना मिली कि सुमन की ससुराल में आग लगने से मौत हो गई है। सुमन का भाई अपनी मां रामप्यारी और अन्य रिश्तेदारों के साथ ससुराल पहुंचा तो बहन का शव झुलसी अवस्था में बेड पर पड़ा मिला। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई के बाद 27 मार्च को मामला दर्ज कर लिया।
फांसी होती तो लोगों को मिलती सीख
सुमन की मां रामप्यारी ने स्पेशल कोर्ट द्वारा जल्दी किए गए फैसले पर अपनी संतुष्टि जताई। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर अदालत ऐसे लोगों को फांसी की सजा दे तो अच्छा होगा। इससे दहेज के लिए बेटियों को परेशान करने वाले लोगों को सबक मिलता। हमने तो अपनी बेटी खो दी, औरों के साथ कभी ऐसी अनहोनी न हो।