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पापा मैं लड़दे लड़दे थक गई आं सुसाइड नोट लिख फंदा लगाया

7 वर्ष पहले
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(सुप्रिया (फाइल फोटो)।)
लुधियाना | डीएमसी अस्पताल के एमडी गर्ल्स हॉस्टल में मेडिकल स्टूडेंट ने पंखे के सहारे फंदा लगा जान दे दी। हादसे का पता चलते ही हॉस्टल में दहशत फैल गई। पुलिस ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उसकी पहचान जालंधर की सुप्रिया के रूप में की। वह पेडिएट्रिक में एमडी थर्ड ईयर की स्टूडेंट थी। मौके पर मिले सुसाइड नोट में उसने पिता को लिखा है कि पापा मैं लड़दे लड़दे थक गई आं, पापा हुन अपने बेटे दा ध्यान रखियो।
सुप्रिया के पिता डाक्टर बलविंदर सिंह जालंधर में डीएचओ हैं और छोटा भाई भी चंडीगढ़ में एमबीबीएस कर रहा है। देर शाम जब सुप्रिया की सहेलियां उसे ढूंढ़ रही थी तो वह कहीं भी नहीं मिली। उसका रूम अंदर से बंद था। काफी समय तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी नहीं खुला तो कमरे का दरवाजा तोड़ कर देखा तो उसकी लाश चुनरी के सहारे पंखे की हुक के साथ लटक रही थी। घटना की सूचना मिलते ही लड़की के पिता बलविंदर सिंह और अन्य मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की आत्महत्या के पीछे हॉस्पिटल के दो डॉक्टर हैं, जोकि उसे मानसिक रूप से तंग कर रहे थे। वे उसकी परफॉरमेंस रिपोर्ट पर साइन नहीं कर रहे थे।
आगे की स्लाइड में देखिए सुसाइड नोट की तस्वीर...