युवक ने सरपंच पर लगाया धमकाने का आरोप
आरटीआईकार्यकर्ता ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सहित राज्य के उच्च पुलिस अधिकारियों को शिकायत पत्र देकर जान से मारने की धमकियां देने सरपंच और उनके साथियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गांव अमरपुरा के मेंबर पंचायत राजिंदर सिंह ने उच्चाधिकारियों को भेजे पत्र में लिखा है कि उसने ग्राम पंचायत अमरपुरा की ओर से सोशल ऑडिट करवाने के संदर्भ में गठित कमेटी के सदस्यों की सूचना के अलावा ग्राम पंचायत द्वारा करवाए गए विकास कार्यों पर हुए खर्च का ब्यौरा आरटीआई के तहत मांगा था।
इस संदर्भ में उसने पंचायत सचिव को सूचना का अधिकार कानून के तहत जानकारी लेने के लिए पत्र लिखा, परंतु सही सूचना नहीं मिली।
बाद में इस संदर्भ में एक अपील सूचना अधिकार आयोग को कर दी। आयोग द्वारा इस संदर्भ में नोटिस जारी करने के बाद ब्लाक विकास एवं पंचायत अफसर ने शिकायतकर्ता को अपने दफ्तर में दोनों पक्षों को बुलाया गया।
राजिंदर सिंह के अनुसार जैसे ही वो बीडीपीओ के सामने अपना पक्ष रखने के बाद बाहर निकला तो सरपंच उसके सहयोगियों ने उसके साथ मारपीट करते हुए आरटीआई के तहत किया गया आवेदन वापिस लेने की सूरत में किसी बड़े नुकसान की धमकी दी।
मेंबर पंचायत आरटीआई कार्यकर्ता के अनुसार उसने ग्राम पंचायत की जमीन में हुई आमदन तथा पंचायत की जमीन पर हुए कब्जे के संदर्भ में की गई कार्रवाई तथा 2010 से 2014 तक हुए ऑडिट की तस्दीकशुदा कापी मांगी हुई है।
अब उस पर डरा धमकाकर आरटीआई के लिए किया आवेदन वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
एक महत्वपूर्ण खुलासा यह भी हुआ है कि ग्राम पंचायत का ऑडिट करने के लिए गठित सोशल ऑडिट कमेटी में गांव के मौजूदा सरपंच या मैंबर पंचायत को नहीं लिया जा सकता, जबकि आरटीआई के तहत जुटाई जानकारी में गांव के मेंबरों को उस कमेटी का सदस्य बनाया गया है। ऐसे में ऑडिट की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
यहकहते हैं गांव के सरपंच : इससंदर्भ में ग्राम पंचायत अमरपुरा के सरपंच अमरदेव गंगपारिया से बात की गई तो उन्होंने आरटीआई कार्यकर्ता पंचायत सदस्य राजिंदर सिंह को धमकी देने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया साथ ही कहा कि उन्होंने जो सूचनाएं मांगी है उसके बारे में संबंधित अधिकारी ही बता सकते है। उन्होंने कहा कि पंचायत मैंबर पर नरेगा में काम करने वाली महिलाओं से कथित छेड़छाड़ की शिकायत पंचायत द्वा