तहसील में नहीं महिलाओं के लिए शौचालय
प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी द्वारा भले ही भारत को स्वच्छ बनाने की योजना के तहत गांवों, मोहल्लों एवं सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय घर बनाने के लिए करोड़ों रुपये की ग्रांट खर्च की जा रही है लेकिन अबोहर तथा बल्लुआना विधानसभा के लिए अति सार्वजनिक माने जाने वाले तहसील परिसर में बने शौचालयों की हालत खस्ता है।
यहां महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं है। जो पुरुषों के लिए शौचालय बनाए गए हैं उनकी हालत को देखकर ऐसे लगता है कि सालों से इनकी तरफ ध्यान नहीं दिया गया। अबोहर विधानसभा क्षेत्र की जनसंख्या ढाई लाख से ऊपर पहुंच चुकी है। ऐसी बात नहीं कि तहसील परिसर में शौचालय नहीं है, लेकिन वो केवल पुरूषों के लिए हैं। स्थानीय निवासी दिनेश कुमार, संजीव कुमार, करण लोकेश ने प्रशासन से मांग की है कि यहां शौचालय की हालत सुधारी जाए और एक अलग से महिला शौचालय का निर्माण किया जाए।
दोबारा पत्र लिखेंगे
अबोहरएसडीएम राजपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने शौचालयों की इस समस्या के संबंध में पीडब्ल्यूडी और बी एंड आर विभाग को लिखकर इन्हें नया बनाने के बारे में लिखा था लेकिन विभाग ने कहा है कि उनके पास फंड की कमी है। वे इस समस्या से परिचित हैं लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। वे जल्द ही इस समस्या के बारे में दोबारा लिखेंगे और इस समस्या का जल्द से जल्द हल करवाया जाएगा।