पानी की टंकियां साफ नहीं तो कटेगा चालान
डेंगूबचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कसते हुए समस्त सरकारी बिल्डिंगों, शिक्षण संस्थानों अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक संस्थानों के संचालकों को चेतावनी दी है कि अगर एक सप्ताह के भीतर पानी की टंकियां साफ करवाई तो विभाग उनके चालान काटेगा।
क्योंकि नेशनल वैक्टर बोर्न डीसीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत उन्हें यह सख्त हिदायतें दी गई हैं कि डेंगू से बचाव हेतू हर तरह का प्रयास किया जाए स्वास्थ्य विभाग के आदेशों का अगर कोई उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। स्वास्थ्य विभाग की टीम पिछले दो दिनों से विभिन्न संस्थानों का दौरा करते पानी की टंकियों की जांच भी कर रहा है। बुधवार को विभाग ने जहां डीएवी कॉलेज में पहुंच कर निरीक्षण किया वहीं वीरवार को अधिकारियों ने गोपीचंद आर्य महिला कॉलेज में बनी पानी की टंकियों को परखा।
दोनों संस्थानों पर कोई कमी तो नहीं पाई गई, लेकिन आगामी दिनों के दौरे के दौरान की जाने वाली सख्त कार्रवाई का ऐलान वीरवार को विभाग ने किया है। ब्रीडिंग चेकर के इंचार्ज टहल सिंह भरत सेठी ने बताया कि पिछले वर्ष डेंगू बचाव हेतु किए जाने वाले प्रयासों के लिए उनको कम समय मिला था। लेकिन इस बार सरकार ने पहले से ही सतर्कता बरतते हुए विभाग को आदेश जारी कर दिए हैं कि वो इसके बचाव हेतू अभी से ही जूट जाएं।
वीरवार को जिला सिविल सर्जन डा. जगपाल बासी, जिला महामारी अधिकारी डा. अशविंदर कौर एसएमओ डा. लाल चंद ठकराल के आदेशों पर गठित एक ब्रीडिंग चेकर टीम ने विभिन्न कॉलेज, स्कूलों में पहुंचकर पानी की टंकियों की जांच कर साफ सफाई की।
ब्रीडिंग चैकर टीम के सदस्य शिक्षा संस्थानों में जांच करते।