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हमें तो ये बस खा गई, परिवार पालने वाला ही नहीं रहा

5 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता|लंबी/मलोट/ मुक्तसर

डबवालीट्रांसपोर्ट कंपनी की बस ने मंगलवार को मलोट-अबोहर सड़क पर गांव करमगड़ के भठ्ठे पर काम करने वाले रोशन लाल (50) निवासी सरावां बोदलां को सुबह करीब साढ़े 6 बजे कुचल दिया। रोशन भट्ठे पर रेहड़ा लगाकर जो कुछ कमाता था उसी से उसके परिवार का गुजारा होता था। गंगानगर से मलोट जा रही डबवाली ट्रांसपोर्ट की बस ने परिवार से इकलौता कमाने वाला छीन लिया।

परिजनों के आंसू नहीं रुक रहे हैं और अब चिंता कि परिवार कौन संभालेगा। मृतक रोशन लाल के भाई लीलू राम ने बताया कि ड्राइवर की लापरवाही से हमारा घर उजड़ गया। रोशन लाल के चार बच्चे (दो लड़के और दो लड़कियां) हैं। परिवार को पालने वाला अब कोई नहीं रहा, हमें तो खा गई यह बस। मृतक के रिश्तेदार गुरमीत प्रजापति ने रोष में कहा कि बादलों की बसों को तो बंदे खाने की लत लग गई है। पुलिस ने इंसाफ क्या देना था उलटा हमें तुछ सी रकम बदले राजीनामा करने की सलाह दे रही है।

मृतक के रिश्तेदारों और गांव निवासियों ने ड्राइवर के खिलाफ की गई कार्रवाई को नाकाफी मानते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया। करते मलोट के सरकारी अस्पताल आगे धरना लगा दिया। यह लोग बस मालिकों पर पर्चा दर्ज करने धारा 302 लगाने के अतिरिक्त मृतक के एक वारिस को नौकरी देने की मांग कर रहे थे। मृतक के परिजनों के साथ ही बहुजन समाज पार्टी के साथ ही प्रजापती समाज के लोगों ने सरकारी अस्पताल के आगे धरना लगा दिया। प्रदर्शन करने वाले लोगों ने परिवार को 25 लाख रुपए की मदद और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की बात कही है। इसके बाद मौके पर पहुंचे आला अधिकारियों और परिजनों के बीच समझौते की बातचीत चल रही है। ऐसे में रात करीब आठ बजे अस्पताल के आगे से धरना हटा लिया गया। परिजनों का कहना है कि अगर प्रशासन ने उनकी मांगें नहीं मानी तो बुधवार सुबह फिर से धरना लगा दिया जाएगा। बसपा के राज्य कोआर्डिनेटर अजीत सिंह भायाणी ने कहा कि इसके कम समझौता नहीं होगा।

थाना कबरवाला के एसएचओ गुरसेवक सिंह का कहना था कि मृतक के भाई के बयान पर मामला दर्ज कर लिया है। आगे जो भी कार्रवाई होगी वह की जाएगी। शव का अभी तक पोस्टमार्टम नहीं किया गया है।

ये अधिकारी पहुंचे समझौता करवाने

प्रदर्शनकरने वालों से एसपी नरिंदर सिंह, डीएसपी मनविंदरबीर सिंह, एसडीएम विशेष सारंगल, नायब तहसीलदार जतिंदर सिंह, थाना सिटी के एसएचओ धर्मपाल शर्मा, थाना कबरवाला के इंर्चाज गुरसेवक सिंह मौके पर बातचीत की। इसके बाद समझौते को लेकर बैठक शुरू हुई। बताया जा रहा है कि प्रशासन की ओर से तीन लाख रुपए देने की पेशकश की गई है।

बादलों की बस थाने में सुरक्षित, रहेड़ा वहीं पड़ा रहा

बादलोंकी बस होने कारण कार्रवाई किस तरह की हो रही है, इस बात का अंदाजा यहां से लगाया जा सकता है कि घटना वाली जगह से बस थाने लाकर सुरक्षित कर दी गई जबकि गरीब का खिलरा रेहड़ा उसी तरह खेतों में पड़ा था।

अस्पताल के सामने नारेबाजी करते हुए मृतक के रिश्तेदार।

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