8 घंटे तक जगन्नाथमय रहा शहर
भास्कर संवाददाता। मंडी गोबिंदगढ़
लोहानगरी में शनिवार बाद दोपहर 12:30 बजे शुरू हुई रथयात्रा रात 8:30 बजे के बाद तक जारी रही। करीब 8 घंटे तक जगन्नाथ मय पूरा शहर रहा। इस दौरान माहौल देखते ही बन रहा था। अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कान) के संस्थापक आचार्य प्रभुपाद जी की प्रेरणा से चंडीगढ़ के स्वामी अकिंचन प्रिय दास की अगुवाई में निकाली गई।
अमलोह विधायक काका रणदीप सिंह ने पूजा-अर्चना कर रथ यात्रा को यहां के जीटी रोड स्थित श्री राम मंदिर से रवाना किया। रथयात्रा यहां के चौड़ा बाजार, चंद्रलोक कालोनी, ऐरी मिल रोड, अमलोह रोड, मेन लोहा बाजार, रेलवे रोड, मोदी मिल रोड, श्री कृष्णा मंदिर से होती हुई श्री राम मंदिर में पहुंच कर संपन्न हुई। रथयात्रा के दौरान भक्तों ने रथ खींचकर और भगवान श्री जगन्नाथ जी के आगे नतमस्तक होते हुए मंगल कामना की। रथयात्रा के दौरान शहर को सुंदर तरीके से सजाया गया था। बड़े गेट और जगमगाती लाइटें लोगों को आकर्षित कर रही थीं। शहर के विभिन्न स्थानों पर ठहराव कर लोगों को दर्शन करवाए गए। जगह-जगह भक्तों ने भगवान श्री जगन्नाथ जी के रथ का फूलों से स्वागत किया और आरती उतारी। वृंदावन और चंडीगढ़ से आए भक्तों ने भजन-कीर्तन किया। भाजपा के मदनमोहन मित्तल और शिअद उपाध्यक्ष जगदीप सिंह चीमा शामिल नहीं हो पाए। शाम को यात्रा का रंग देखते ही बन रहा था। पुलिस की ओर से यातायात के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। यात्रा के दौरान ट्रैफिक को दूसरे रूटों पर डॉयवर्ट किया गया था। फेस्टिवल कमेटी की ओर से रथयात्रा के दौरान बाउंसरों की तैनाती की गई थी। जिसे लेकर भक्त नाराज हो गए। उनका कहना था कि धार्मिक उत्सवों में इस तरह की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए। यह काम केवल भक्तजनों पर ही छोड़ा जाना चाहिए।
हलका विधायक काका रणदीप सिंह ने पूजा अर्चना कर रथ यात्रा को किया रवाना
भगवान श्री जगन्नाथ जी रथ यात्रा के दौरान की एक झांकी।