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लोहा इंडस्ट्री को बचाने के लिए इंडस्ट्रियलिस्ट्स ने मांगी भीख
इधर कारोबारियों ने इंडो-पाक ट्रेड भी बंद किया
भास्कर न्यूज| मंडी गोबिंदगढ़
सरकारीनीतियोंऔर अफसरशाही के खिलाफ कई िदनों से सड़क पर बैठे इंडस्ट्रियलिस्ट्स ने सोमवार दोपहर भीख मांगकर नाराजगी जताई। लोहा नगरी के लिए यह अजीब था। लोग हैरान थे। जिन इंडस्ट्रियलिस्ट्स के बूते लोहा नगरी ने पूरे दक्षिण एशिया में अपनी अलग पहचान कायम की। वही इंडस्ट्रियलिस्ट्स बाजारों में भीख मांग रहे थे। इंडस्ट्रियलिस्ट्स की यह कोशिश सरकार को ऐसी नीतियां और पैकेज लागू करने की अपील के लिए थी। जिससे लगातार बंद होती या फिर पलायन कर रही इंडस्ट्री को बचाया जाए। इंडस्ट्रियलिस्ट्स का कहना था कि उनकी लड़ाई सरकार या फिर पूरी अफसर लॉबी के खिलाफ नहीं है। वो तो सिर्फ उस सिस्टम के खिलाफ लड़ रहे हैं, जिससे इंडस्ट्री बंद हो रही है और लोग बेरोजगार हो रहे हैं।
कईसंगठनांे के प्रतिनिधि सपोर्ट के लिए पहुंचे : सोमवारको धरने पर खन्ना से एमएलए गुरकीरत सिंह कोटली, आप के पंजाब प्रधान सुच्चा सिंह छोटेपुर लुधियाना भाजपा के अध्यक्ष संजीव धमीजा समेत कई संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे। सभी ने इंडस्ट्रियलिस्ट्स की मांगों को जायज ठहराया। इंडस्ट्रियलिस्ट्स और ब्राह्मण नेता देवी दयाल पराशर ने एेलान किया जब तक सरकार नहीं जागेगी उनका आंदोलन जारी रहेगा।
बारिश में आईसीपी में ऐसे ही पानी खड़ा रहता है। िजससे माल खराब हो जाता है।
सीसीआई के चेयरमैन अशोक सेठी का कहना है कि पोर्ट के भीतर माल उतरवा लिया जाता है और उसे किराया वसूलने के चक्कर में लोड नहीं किया जाता।
इसके कारण जहां माल फंसा रहता है, वहीं माल के साथ ट्रकों का भी किराया कारोबारी को देना पड़ता है। चैकिंग के नाम पर बोरियां फाड़ दी जाती और माल खराब हो जाता है। बारिश हो जाने पर स्थिति और खराब हो जाती है। उनका कहना है कि इन खामियों के अलावा वह लोग सालों से पोर्ट पर स्कैनर लगाने की मांग कर रहे हैं, मगर उसे भी नजरअंदाज किया जा रहा है।
हालांकि इस संदर्भ में आईसीपी के मैनेजर रामेश्वर का कहना है कि ट्रेडर्स की हर मांग को पूरा करने की कोशिश रहती है ताकि कारोबार परमोट हो। अगर कई कमी रह भी जाती है तो उसे पहल के आधार पर ठीक किया जाता है और आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगा।
सीमेंट कारोबारी राजदीप उप्पल ने बताया, सरहद पार से सीमेंट, जिप्सम, ड्राईफ्रूट केमिकल इंपोर्ट होता है, ल