वेलेनटाइन-डे की तैयारियां जोरों पर रविवार होने पर दुकानदारों में मायूसी
युवावर्गसाल में 14 फरवरी को वेलेंटाइन-डे का बड़ी बेसब्री से इंतजार करते हैं। इंतजार हो भी क्यों क्योंकि यही तो वो दिन होता है जिस दिन वह अपने प्रेमी के समक्ष अपने प्यार का इजहार करते हंै। क्षेत्र में वेलेनटाइन-डे को लेकर इन दिनों तैयारियां पूरे जोरों पर चल रही हैं।
प्रेमी जहां एक ओर अपने वेलेनटाइन पर देने के लिए एक्सक्लूसिव उपहार की सोच में हैं। वहीं गिफ्ट सेंटर संचालक अपनी दुकानें इस दिन के मद्देनजर दिए जाने वाले उपहारों से सजाने में लगे हैं। इस बार 14 फरवरी को रविवार है, जिसे लेकर दुकानदारों युवा वर्ग में थोड़ी मायूसी है। युवा वर्ग में मायूसी इस लिए है कि संडे के कारण स्कूल-कालेज छुट्टी के कारण बंद रहते हैं। ऐसे में युवाओं को अपने वेलेंटाइन से मिलने का मौका कम मिलने की संभावना है। इसी कारण दुकानदारों में भी थोड़ी मायूसी है और उन्हें लग रहा है कि युवा वर्ग शायद गिफ्ट कम खरीदें। उधर, संडे के मामले में फूल विक्रेता रणजीत सिंह का कहना है कि वेलेंटाइन-डे पर लाल गुलाब की बहुत डिमांड होती है। लाल गुलाब प्रेमी जिसे प्यार के इजहार के लिए एक संकेत मानते हैं। उनकी दुकान पर इस दिन कम से कम तीन सौ गुलाब सेल होते हैं। लेकिन इस बार उन्हें डर है कि संडे के कारण बिक्री कम होगी, इसलिए उन्होंने इस बार सिर्फ इस दिन के लिए दो गुलाब का ही आर्डर भेजा है।
उधर, बंगा के बस स्टैंड पर युवाओं से वेलेंटाइन-डे पर बातचीत की। बीए के छात्र जसवीर सिंह ने कहा कि वेलेंटाइन-डे पूरी दुनिया में प्रेमियों के दिन के तौर पर मनाया जाता है। हमारे देश में कुछ लोग इस का विरोध करते है जोकि ठीक नहीं। युवक सुखदीप ने कहा कि बदलते युग में बड़ों को भी बदलना चाहिए। इस दिन को मनाने की इजाजत देनी चाहिए। एक युवती (नाम नहीं बताया) ने कहा कि वेलेंटाइन डे के विरोध के लिए हमारा ही कुछ युवा वर्ग जिम्मेदार है। कुछ युवा इस दिन पर हुल्लड़बाजी करते हैं, जोकि अच्छी बात नहीं है। इस कारण भी बड़े इस दिन को मनाने के लिए मना करते हैं और कई लड़कियों को घर वाले इस दिन स्कूल-कॉलेज नहीं आने देते।
बंगा में वेलेनटाइन-डे के उपलक्ष्य में दुकान सजाकर बैठा फूल विक्रेता। -भास्कर
बड़ों ने कहा- सामाजिक दायरे में रहकर करो जो भी करना है