कुछ फूल शहीदों को भी वेलेनटाइन पर भेंट करें : गुरप्रीत घुग्गी
कामेडियनसे नेता बने गुरप्रीत घुग्गी ने कहा कि 14 फरवरी को दुनिया वेलेनटाइन डे मनाती है, पर युवाओं को इस बात को नहीं भूलना चाहिए कि आज ही के दिन शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी की सजा सुनाई गई थी। शहीद हमारे वेलेंटाइन होने चाहिएं और इस दिन कुछ फूल शहीदों को भी भेंट करने चाहिएं। वह शहीद-ए-आजम भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़कलां में उन्हें श्रद्धांजलि भेंट करने के उपरांत पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह, जिन्हें युवा वर्ग अपना आदर्श मानता है। उनकी सोच को लेकर कसमें खाते हैं, लेकिन वही युवा उनकी जिंदगी से जुड़े इस दिन को क्यों भूल रहे हैं। वह वेलेनटाइन डे के विरोधी नही हैं, लेकिन यह सिर्फ लड़के-लड़की के द्वारा एक दूसरे से प्यार के इजहार का दिन नहीं होना चाहिए, बल्कि हमें शहीदों को भी याद रखना चाहिए। मौके पर दीपक तोमड़, चंदन कुमार, गुजिंदर शर्मा, शिव कौड़ा, राजिंदर शर्मा, गुरदीप सिंह, हरप्रीत सिंह, जतिंदर कुमार, बलवंत सिंह, प्रदीप कुमार, संतोष, विकास, सतनाम सिंह, अमरजीत बंगा, भुपेश कुमार, जशनदीप सिंह, पाली संधू आदि उनके साथ थे।
पत्रकारों के सवालों के जबाव देते घुग्गी ने कहा कि वह राजनीति में बदवाल के लिए आए है। उन्होंने मौजूदा वीआईपी सिस्टम खत्म होना चाहिए तथा देश के सभी 120 करोड़ लोग आम होने चाहिएं। प्रदेश में ‘आप’ की सरकार आते ही किसानी को खोया हुआ गौरव वापिस दिलवाएंगे। युवाओं के लिए पूरी तरह रोजगार होगा, शिक्षा की पूरी व्यवस्था होगी।
शहीद समारक पर नमन करते ‘आप’ नेता और कामेडियन गुरप्रीत घुग्गी।
भगत सिंह तेरी सोच ते, पहरा देयांगे ठोक के
शहीद-ए-आजमभगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़कलां में शहीदी स्मारक पर गुरप्रीत घुग्गी ने शहीदों को श्रद्धांजलि भेंट की। इसके बाद वह म्यूजियम में भी गए। इस दौरान उन्होंने विजिटर्स बुक में लिखा- भगत सिंह तेरी सोच ते, पहरा देयांगे ठोक के।
म्यूजियम देखते घुग्गी ने बताया कि शहीद भगत सिंह की बहन अमर कौर के घर गांव दयालगढ़ (हमीरा के पास) में उनके दादा जी का परिवार किसी समय किराए पर रहता था। इस दौरान बीबी अमर कौर उनसे किराया नहीं लेती थीं, लेकिन जब जोर देने के बाद उन्होने पांच रुपए किराया लेना मंजूर कर लिया, तो बदले में वह उन्हें महीने में पचास रुपए का खान-पान खिला देती थी।
बीबी अमर कौर नहीं लेती थीं किराया