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शहीद भगत सिंह मेमोरियल का काम अटका

7 वर्ष पहले
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खटकड़कलां में केन्द्र सरकार की मदद से बनाए जा रहे शहीद भगत सिंह मैमोरियल का काम अधर में लटक गया है। यूपीए सरकार के वित्त मंत्री रहे पी चिंदबरम की तरफ से केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री अंबिका सोनी के प्रयासों से 23 फरवरी 2009 को इस मैमोरियल का शिलान्यास किया गया था। राज्य के मुख्यमंत्री परकाश सिंह बादल की तरफ से इस मैमोरियल को बनाने के लिए दिए गए सहयोग का अाभार जताया गया था तथा केन्द्र की ग्रांट मिलते ही काम शुरू करवाने की घोषणा की गई। तीन साल में बनने वाले इस मैमोरियल के लिए केन्द्र सरकार की तरफ से साढ़े ग्यारह करोड़ की ग्रांट मंजूर की गई थी। इसमें साढ़े सात करोड़ रुपए जारी करके जमीन खरीदने, उसकी चारदीवारी करने, मैमोरियल का मुख्य ढांचा बनाने के लिए प्रस्ताव पारित किया था।

राज्य सरकार की तरफ से मिली ग्रांट को मार्कफैड के टैकनीकल ब्रांच को देकर कार्य शुरू करवाया दिया। पहले फेस में मुख्य ढांचा तो बन गया, मगर उसकी सजावट, खिडकियां दरवाजे तथा इंट्रीरियर डैकोरेशन का काम बाकी बच गया है, जो नहीं होने से इमारत मात्र शो पीस बनकर रह गई। तीन साल में कंपलीट होने वाला कार्य एक साल से बंंद है। इसके चलते खटकड़ कलां में आने वाले पर्यटकों की नजर में सरकार की किरकरी हो रही है। स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि इस ऐतिहासिक विरासत को शीघ्र पूरा करवा कर जनता को समर्पित किया जाए।

उधर राज्य के जेल एवं पर्यटन मंत्री सोहन सिंह ठंडल का कहना है कि राज्य सरकार शहीद भगत सिंह की खटकड़ कलां में बनाए जा रही मैमोरियल को पूरा करवाने में संजीदगी से प्रयासरत है। सरकार की तरफ से तीन करोड़ रुपए की राशि संबंधित विभाग को काम दोबारा शुरू करने के लिए भेज दी गई है। सभी काम इस साल के अंत तक पूरे हो जाएंगे। वर्ष 2015 में आयोजित होने वाले शहीदी समागम में लोग मैमोरियल की नई बिल्डिंग में शहीद के इतिहास को निहार सकेगे।

यहहोना है कार्य

शहीदभगत सिंह मैमोरियल की बिल्डिंग के मैप आउट में सबसे पहले मुख्य गेट, पार्क, पार्किंग, सब-पाथ उसके बाद शहीद का स्टैचू लगाया जाना है। उसके बाद बिल्डिंग में मुख्य कार्यालय, शहीद म्युजियम, सैमीनार हाल, इसके अलावा चार पांच और कमरे है, जिसमें शहीद मैमोरियल की वस्तुएं रखी जाएंगी। उसके बाद पीछे मैदान तथा खुला पार्क होगा।

अभी तक यह बना है

अभीतक बिल्डिंग में कमरों के