उर्स के दूसरे दिन कव्वालों ने बांधा रंग
बंगा |साबर दाता गुलाम-ए-शाह दरगाह में वार्षिक उर्स के दूसरे दिन कव्वालों नकालों ने जमकर सूफी महफिल सजाई। साईं बीबी महिंदर कौर कादरी साईं उमरे शाह ने संगत को आशीर्वाद दिया। कव्वाल शफी मोहम्मद तथा शाह मुनवर हुसैन लखनऊ की टोली ने संगत को सूफी कलामों के साथ जोडक़र पीर बाबा का गुणगान किया। उन्होंने जा मेरी बांह फड़ लै, मैं तां टेक सज्जणां वे तेरे उत्ते लाई .. .., मित्र बणाके हुण क्यों भज्जदा, असां प्रीत तेरे नाल लाई .. .. आदि कव्वालियां पेश करके संगत को झूमने पर मजबूर कर दिया। उधर, मेले के दौरान सजाए गए स्टालों पर संगत की ओर से खूब खरीददारी की गई। इस मौके पर भारी संख्या में संगत मौजूद रही। मेले के अवसर पर रविदास चौंक के पास चरन कंवलजीत जैरी परिवार दुकानदारों की ओर से लंगर लगाया गया। इस मौके पर पृथ्वी राजपुरोहित, कृष्ण कुमार गुप्ता, विश्वामित्र, केके सिंह आदि ने सेवा की।