करोड़ों के विकास कराए
सुरेश डिंपल उप्पली,शहरवासी
सुखविंदर भंडारी, शहरवासी।
परमजीत सिंह मान, शहरवासी
अनिल बांसल नाणा, प्रधान व्यापार मंडल
शहर में विकास किया है तो दिखाई क्यों नहीं देता
नगर काउंसिल के प्रधानों ने कहा- पांच सालों में करवाया रिकॉर्ड तोड़ विकास
परमजीत सिंह ढिल्लों अकाली दल से वर्ष 2008 में नगर काउंसिल बरनाला के प्रधान बने। साल 2008 से लेकर 2013 तक वे नगर काउंसिल की कुर्सी पर रहे। उन्होंने दावा किया की उन्होंने पांच सालों में शहर का रिकार्ड तोड़ विकास कराया है।
उन्होंने कहा कि शहर के कई वार्डों में गलियां नालियां टूटी थीं उन नालियों की मरम्मत करवाई और साथ ही गलियों में इंटरलॉक टाइलें भी लगवाई। करोड़ों रुपए का विकास कार्य उन्होंने शहर के वार्डों में करवाए। उन्होंने दावा किया कि उनकी प्रधानगी में शहर का चौमुखी विकास हो चुका है और वह आने वाले समय में भी करेंगे। इससे पहले साल 2003 से साल 2008 तक नगर काउंसिल पर कांग्रेस का कब्जा रहा और कांग्रेस की तरफ से मक्खन शर्मा नगर काउंसिल के प्रधान पद पर बने रहे। उन्होंने दावा किया की जितना विकास शहर का उन्होंने अपने राज में कराया था उतना अकाली करवाने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने पानी के लिए भी शहर में कई ट्यूबवेल लगवाए थे और सारा पैसा विकास पर ही खर्च किया था। इसके अलावा तपा नगर काउंसिल के पूर्व प्रधान त्रिलोचन बांसल और भदौड नगर काउंसिल के पूर्व प्रधान जसवीर सिंह धम्मी ने भी अपने इलाकों में विकास कार्य पूरे करवाने का दावा करते हुए कहा कि वह लोगों की हरेक आशाओं पर पूरी तरह से खरे उतरे हैं। इस बार भी वह विकास के नाम पर लोगों से वोट मांगेंगे और दोबारा से जनता की सेवा करेंगे।
अगर शहर की गलियों नालियों के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं तो शहर में टूटी गलियां नालियां कैसे दिखाई दे रही हैं। शहर के कुछ इलाके तो ऐसे हैं जहां सालों से गलियों का निर्माण ही नहीं हो पाया। नालियां सफाई के अभाव में अक्सर जाम रहती हैं। शहर के कुछ इलाके तो अभी भी ऐसे हैं जहां वाटर सप्लाई और सीवरेज की व्यवस्था तक नहीं है। ऐसे में प्रधान के विकास करवाने के दावों के रास्ते खुद ही साफ हो जाते हैं। क्षेत्र में रोजगार के अवसर नहीं होने से नौजवानों के नौकरी और शिक्षा हासिल करने के लिए बाहर जाना पड़ता है।
शहर की ज्यादातर सड़कें टूट चुकी हैं। रोजाना लोग टूटी सड़कों से गिरकर चोटिल हो रहे हैं। जो सड़कें छह माह पहले बनी थी उनकी हालत भी काफी दयनीय हो चुकी हैं। विकास के नाम पर राजनेता लोगों को ठग रहे हैं। विकास हुआ कहीं नजर नहीं रहा है। पिछली नगर काउंसिल कमेटी शहर का विकास करवाने में फेल साबित हुई है। पैसा कहां खर्च किया गया और कहां विकास कार्य करवाए गए इसका पूरा हिसाब-किताब जनता को देना चाहिए और भ्रष्टाचारी नेताओं के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए।
पिछली कमेटी ने पांच साल तक काउंसिल की कुर्सी पर बैठकर खूब राज तो किया लेकिन कभी अपने वातानुकूलित कमरे से बाहर निकलकर गरीब बस्तियों के लोगों और शहरवासियों की समस्याओं पर कभी ध्यान नहीं दिया। शहर में लोगों को तो स्वच्छ पेयजल मिल रहा है और ही सीवरेज की समस्या से अभी तक निजात मिल सकी है। अधिकांश बस्तियों में लोग अभी भी दूषित पानी पी रहे हैं। सीवरेज जाम से लोग काफी दुखी हैं। कहीं भी बुनियादी सहूलियतें लोगों को मुहैया नहीं करवाई गई।
शहर में ट्रैफिक समस्या काफी डगमगा चुकी है। रोजाना लोगों को शहर की सड़कों पर लगते जाम से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शहर में पार्किंग होने के कारण लोगों को यह समस्या रही है। शहर के मेन सदर बाजार, फरवाही बाजार और हंडियाया बाजार में पीली रेखा खींची होने के बावजूद लोग अपने वाहन कहीं भी पार्क कर देते हैं और कोई उन्हें रोकने-टोकने वाला नहीं है। ट्रैफिक पुलिस केवल चालान काटने तक ही सीमित रहती है। प्रशासन को सबसे पहले शहर में पार्किंग का उचित इंतजाम करना चाहिए।
विकास के ढोल-जनता खोलती पोल