108 कुंडीय विष्णु महायज्ञ शुरू
संतशिरोमणि बाबा बंसी वाले की असीम कृपा से श्री विष्णु सेवा समिति और शहरवासियों के सहयोग से शहर की अनाज मंडी में बुधवार से 108 कुंडीय श्री विष्णु महायज्ञ शुरू किया गया।
इस मौके विशाल यज्ञ में आहुतियां डालने और यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने के लिए पूरा शहर उमड़ पड़ा। सुबह 8 बजे बाबा बंसी वाले की अगुवाई में यज्ञ में भाग लेने वाले 324 यजमानों ने संकल्प पूजा की। इसके बाद विशाल यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें हरिद्वार, बनारस, अयोध्या, वृंदावन से पहुंचे करीब 150 ब्राह्मणों और संत महापुरुषों ने सवा करोड़ मंत्रों का जाप शुरू किया। यजमानों के लिए 30 टन सामग्री देसी घी से तैयार की गई।
इसके अलावा गो सेवा संघ के कार्यकर्ताओं ने यजमानों के लिए चाय-पानी का प्रबंध किया। इस दौरान जयघोषों के साथ माहौल भक्तिमय बन गया। समिति के प्रधान अजय जिंदल, पंडित सूर्यकांत शास्त्री, रमेश लहरी, मक्खन लाल, राजपाल शर्मा, दिनेश सहौरियां और मनोज सिंगला ने बताया कि यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने के लिए चार गेट बनाए गए हैं, जिनमें पहले गेट को ऋग्वेद, दूसरे को यजुर्वेद, तीसरे को अर्थवेद और चौथे गेट को सामवेद का नाम दिया गया है।
इनकी परिक्रमा करने से मनुष्य को शांति मिलती है और वह जन्मों-जमान्तर के दुखों से मुक्त हो जाता है। शाम को श्री विष्णु कथा का आयोजन किया गया, जिसमें कथावाचक आचार्य सुभाष चंद्र शास्त्री (सहारनपुर वाले) ने कथा कर संगतों को निहाल किया। कार्यक्रम में बाबा बंसी वालों ने संगतों को अपना आशीर्वाद देते हुए उन्हें सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक किया। आचार्य ने बताया कि यह कार्यक्रम 17 फरवरी तक चलेगा, जिसमें रोजाना सुबह 8 से 12 बजे तक और शाम 3 से 5 बजे तक यज्ञ होगा और शाम 3 से 6 बजे तक प्रवचन भजनों की अमृतवर्षा होगी। इसके अलावा रोजाना रात 8 से 10 बजे तक संत-महापुरुषों के प्रवचन और भजन संध्या हुआ करेगी। उन्होंने समूह शहरवासियों से कार्यक्रम में पहुंचने की अपील की।
इस मौके पर ग्रीन एवेन्यू के एमडी अशोक कुमार गर्ग, आस्था कालोनी के एमडी दीपक सोनी, गीता भवन के प्रधान बसंत कुमार गोयल, भोला अरोड़ा, भूषण जैन, ओमप्रकाश, गोपीचंद, राजिंदर संघेडा, राम गोपाल आदि मौजूद थे।
संगत को आर्शीवाद देते संत शिरोमणि बाबा श्री बंसी वाले जी।
पहले दिन यज्ञमानों के लिए चाय-पानी का प्रबंध कर सेवा निभाते गौसेवा संघ के कार्यकर्ता।
बुधवार को विष्णु महायज्ञ के पहले दिन संकल्प और पूजा अर्चना में भाग लेते शहरवासी।