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ध्वनि प्रदूषण और काउंसिल चुनाव से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
प्रदेशमें पंजाब बोर्ड की वार्षिक परीक्षाएं 28 फरवरी से शुरू हो रही हैं। ऐसे में छात्र वर्ग पूरी तरह पढ़ाई करने में जुटा हुआ है। लेकिन, जहां जिले में छात्र ध्वनि प्रदूषण से काफी आहत है, वहीं 25 फरवरी को नगर काउंसिल चुनाव आने से विद्यार्थी काफी परेशान हैं। प्रदेश में काउंसिल चुनाव 25 फरवरी को होंगे।
ऐसे में छात्रों का कहना है कि ध्वनि प्रदूषण पर जिले में पाबंदी लगी होने के बावजूद जिला प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है वहीं काउंसिल चुनाव आने से शहर में हर समय चुनावी माहौल बना रहेगा। ऐसे में वह ना तो दिन के समय पढ़ाई कर सकेंगे और ना ही रात के समय में।
सुप्रीमकोर्ट ने लगाई थी पाबंदी: हालांकिसुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2005 में अपने एक फैसले दौरान रात 10 से सुबह 6 बजे तक ऊंची आवाज में किसी भी तरह के ध्वनि प्रदूषण पर पाबंदी लगा दी थी, जिसमें लाउड स्पीकर, पटाखे, प्रेशर हॉर्न आदि शामिल था। भारत सरकार ने सभी राज्यों में इसे लागू करने की सख्त हिदायतें दी गई थी।
पाबंदीके बावजूद ध्वनि प्रदूषण : डीसीने बच्चों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए कुछ दिन पहले धारा 144 के तहत हर किस्म के ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाई थी और कहा गया था कि रात 10 से सुबह 6 बजे तक मैरिज पैलेसों, मंदिर गुरुद्वारों आदि में ऊंची आवाज में स्पीकर नहीं चलेंगे,परंतु कुछ नहीं हुआ।
सरकारनिभाए जिम्मेदारी: सर्वहितकारीस्कूल के प्रिसिंपल जतिंदर शर्मा और किंग्ज ग्रुप के चेयरमैन हरदेव सिंह बाजवा ने कहा कि परीक्षाओं के समय चुनाव करवाने का सरकार का फैसला गलत है। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।
शिकायतमिलते ही करेंगे कार्रवाई : डीसीगुरलवलीन सिंह सिद्धू का कहना है कि काउंसिल चुनाव करवाने का फैसला सरकार का है। जिले में धारा 144 के तहत ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाई गई है। इसके तहत स्टूडेंट्स की पढ़ाई को देखते हुए रात 10 से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार के शोर पर पाबंदी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि ध्वनि प्रदूषण संबंधी शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नजदीक रहे काउंसिल चुनावों और ध्वनि प्रदूषण से अपने बच्चों की बाधित हो रही पढ़ाई को लेकर अभिभावक भी परेशान है। अभिभावक सुभाष गर्ग, कमल बब्बू, सतीश चीमां, विपन धरनी, राजीव बरनाला, बिन्नी जिंदल, सौरव सिंगला का कहना है कि परीक्षाओं के समय में उनके बच्चे देर रात तक सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करते हैं। लेकिन, पैदा हो रहे ध्वनि प्रदूषण से जहां छात्रों को काफी परेशान कर रहा है वहीं काउंसिल चुनावों के चलते तो उनके बच्चे फेल भी हो सकते हैं। इसलिए सरकार को काउंसिल चुनाव परीक्षाओं के बाद करवाने चाहिए।
छात्र विकास सोनी विक्की, रोहित गोयल शैंकी, छवि गोयल, चेतन गर्ग, हरमेश मित्तल, हेमंत बांसल, सौरव जिंदल, राजू अरोड़ा आदि का कहना है कि ध्वनि प्रदूषण पर पाबंदी लगी होने के बावजूद भी कोई प्रवाह नहीं की जा रही, जिससे उनकी पढ़ाई काफी प्रभावित हो रही है। ऊपर से सरकार ने काउंसिल चुनाव भी परीक्षाओं के ऐन मौके पर करवाने का फैसला लिया है जो सरासर गलत है। सरकार को परीक्षा के समय चुनाव नहीं करवाने चाहिए। सरकार को अप्रैल में चुनाव करवाने थे। चुनावों के समय तो ध्वनि प्रदूषण ओर ज्यादा होगा। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
चेतन गर्ग।
हरमेश मित्तल।
हेमंत कुमार।
राजू अरोडा।
सौरव जिंदल।
छवि गोयल।
विकास सोनी।
रोहित गोयल।