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शहर में बिना लाइसेंस के स्टोर हो रहे हैं पटाखे, जान काे खतरा

7 वर्ष पहले
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फेस्टिवलसीजन शुरू होते ही शहर में भारी संख्या में पटाखों का स्टोर हो चुका है। एक अनुमान के मुताबिक अब तक शहर में दो करोड़ से ज्यादा का पटाखा चुका है। जो शहर के घनी आबादी के बीच स्थित गोदामों में रखा गया है। आश्चर्य की बात तो यह है कि अधिकांश थोक अथवा रिटेल पटाखा व्यापारियों के पास लाइसेंस नहीं है। अगर किसी के पास लाइसेंस है भी तो वह पिछले चार सालों से रिन्यू नहीं करवाया गया है। इसके बावजूद प्रशासन इनपर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। ऐसे में शहरवासियों को जान को खतरा है।

नियमोंका हो रहा हैं उल्लंघन

थोकरिटेल व्यापारी मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में शहर की घनी आबादी के बीच ही पटाखे के गोदाम बना लिए हैं। पटाखे बेचने के लिए गोदाम शहर के बाहर होने चाहिए ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बाद उसे आसानी से काबू पाया जा सके, लेकिन शहर के सदर बाजार, फरवाही बाजार, केसी रोड, पक्का कालेज रोड, रामबाग रोड, अनाज मंडी रोड, बस स्टैंड रोड, पेट्रोल पंप के पास आदि घनी आबादी वाली जगहों पर व्यापारी प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर सरेआम कानून का उल्लंघन कर रहे हैं जबकि प्रशासनिक अधिकारी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं।

किसी भी आपदा पर काबू पाने में सक्षम

जिलाफायर अफसर गुरजीत सिंह ने कहा कि फायर बिग्रेड शहर में किसी भी अप्रिय घटनाअों और आपदाओं पर काबू पाने के लिए सक्षम है। इसके लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध है। पटाखा व्यवसाय के लिए लाइसेंस देना और निगरानी करना जिला प्रशासन की है।

डीसी बोले: व्यापारियों से करेंगे बैठक

डीसीगुरलवलीन सिंह सिद्धू ने कहा कि मामला उनके नोटिस में चुका है। वह जल्द ही पटाखा बेचने के थोक व्यापारियों और व्यापार मंडल के साथ बैठक कर उन्हें हिदायतें जारी करेंगे। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

पिछले साल भी डीसी ने दिए थे आदेश

पिछलेसाल भी दशहरा और दीपावली पर डीसी ने व्यापारियों को पटाखे बेचने के लिए लाइसेंस बनाने और घनी आबादी के बीच पटाखा स्टोर नहीं करने के आदेश दिए थे। तब अधिकारियों ने बाजारों में कुछ दुकानों पर रेड मारकर गोदामों से पटाखे भी बरामद किए थे। इसके बावजूद इस बार फिर कुछ थोक व्यापारी सरगर्म हो गए हैं।