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मनरेगा कर्मी धरने पर, वेतन बढ़ाने की मांग
मनरेगाकांट्रेक्ट कर्मचारी यूनियन पंजाब के आह्वान पर समूह मनरेगा कर्मचारियों की कलम छोड़ हड़ताल सोमवार को 19वें दिन में प्रवेश कर गई है। सोमवार से समूह कर्मचारियों ने एडीसी डी कार्यालय के सामने बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। जिला प्रधान संजीव कुमार काकड़ा ने बताया कि कर्मचारी पिछले 6 सालों से बेहद कम वेतन पर काम कर रहे हैं। कर्मचारियों का हर स्तर पर शोषण किया जा रहा है। सरकार के साथ बार-बार हुई बैठकों में कोई परिणाम नहीं निकला, जिस कारण उनमें भारी रोष पाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि संगरूर में मुलाजिमों का वेतन पड़ोसी जिलों के मुकाबले बहुत कम है। ग्राम सेवकों को कोई फिक्स मेहनताना नहीं दिया जाता। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार से रेगुलर पे स्केल, सीपीएफ, ईएसआई समेत सिनियोरिटी लिस्ट, सर्विस बुक आदि मांगें मनवाने के लिए 22 सितंबर से विकास भवन मोहाली में राज्य स्तरीय धरना शुरू किया जाएगा। मौके पर जिला उप प्रधान जसवीर सिंह जस्सी, ब्लाक प्रधान दर्शन सिंह भवानीगढ़, अमनदीप सिंह, सुखविंदर सिंह, तरसेम कुमार, सोमजीत सिंह, मनजीत सिंह, बलजीत सिंह, बलवीर सिंह, गुरप्रीत सिंह, जसवीर सिंह, अमरजीत सिंह एपीओ, धर्मवीर सिंह सीए आदि मौजूद थे।
संगरूर में एडीसी डी कार्यालय के सामने धरने के दौरान नारेबाजी करते हुए मनरेगा कर्मचारी।
सोमवार को मांगों को लेकर डीसी दफ्तर के सामने रोष प्रदर्शन कर नारेबाजी करते पीआरटीसी कर्मी।
संगरूर | जिलाशिक्षा और सिखलाई संस्था (डाईट ) के कर्मचारियों को पांच माह से वेतन मिलने के कारण उनमें रोष है। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट पंजाब की जिला इकाई ने वेतन तुरंत जारी करने की मांग की है। डीटीएफ के नेता बलबीर चंद लोंगोवाल, कुलदीप सिंह, स्टेट कमेटी सदस्य बलराज जोशी, हरभगवान सिंह ने कहा कि पंजाब की समूह डाईट्स के कर्मचारियों को पिछले पांच माह से वेतन जारी नहीं हुआ है। यह कर्मचारी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। कर्मचारी कई बार उच्च अधिकारियों से वेतन देने की गुहार लगा चुके हैं परंतु कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र कर्मचारियों का वेतन रिलीज किया गया तो डीटीएफ द्वारा पंजाब सरकार जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जत्थेबंदक एक्शन लिया जाएगा।