परीक्षा और जिला खेल एक ही दिन
एकओर तो प्रशासन बच्चों को नशे से दूर रहकर खेलों की ओर प्रेरित करके अपना भविष्य बनाने का पाठ पढ़ाता है, वहीं दूसरी तरफ विभाग ने परीक्षा और जिला स्तरीय खेलों का एक समय आयोजन करके खेलों में भाग लेने वाले स्टूडेंट्स को दुविधा में डाल दिया है।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से सभी स्कूलों में सितंबर की परीक्षाएं ली जा रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग की तरफ से जिले के गांव चीमा में जिला स्तरीय खो-खो के मैचों का आयोजन किया गया, जिस कारण स्टूडेंट्स को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिन स्टूडेंट्स को जिले के दूर-दराज गांवों से खेलों में भाग लेने आना था, उन्हें अपना पेपर छोड़कर आना पड़ा। शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार चल रही परीक्षा स्कूल स्तर की परीक्षा नहीं है। इस परीक्षा के नंबर मार्च में होने वाली परीक्षा में जुड़ेंगे। साथ ही जो स्टूडेंट्स इन खेलों में भाग नहीं लेगा उसे राज्य स्तर की होने वाली खेल में भाग लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
इस पर स्टूडेंट्स के परिजनों गुरमेल कौर, मनजीत सिंह, राजवीर कौर, हरमेल सिंह, दर्शन सिंह ने कहा कि परीक्षा और खेल दोनों ही स्टूडेंट्स के भविष्य के लिए जरूरी है। इन दोनों आयोजनों को एक साथ रख कर विभाग ने उनके बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। खेल और परीक्षा का एक साथ आयोजन करना सरासर गलत है।
प्रदेशस्तरीय खेलों की तारीख तय होने के कारण परीक्षा के साथ रखने पड़े खेल : डीईओ
जिलाशिक्षा अफसर हरकंवलजीत कौर ईओ खेल इंद्रजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश स्तर के खेल 29 सितंबर को शुरू होने वाले हैं। इसी के चलते उन्हें खेलों का आयोजन परीक्षा के बीच करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर इन खेलों का आयोजन लेट कर देते तो खिलाड़ी प्रदेश स्तर के खेलों में भाग नहीं ले सकते थे। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को कोई परेशानी हो इसका इंतजाम किया गया है।
दुविधा