गलत इलाज का आरोप, अस्पताल में धरना
शहरके जंडा वाला रोड के रहने वाले लोगों ने शहर के भांवरी सर्जिकल अस्पताल के संचालकों पर गलत इलाज करने का आरोप लगा अस्पताल के सामने धरना देकर नारेबाजी। दूसरी तरफ धरनाकारियों के विरोध में उतरी आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) ने आपात बैठक बुलाकर सोमवार से हड़ताल पर जाने की धमकी दी और पुलिस को लिखित शिकायत भी दी।
जंडा वाला रोड के रहने वाले भुपिंदर कुमार ने बताया कि उसकी प|ी कमलेश रानी 23 नवंबर 2015 को पित्ते के आप्रेशन के लिए भांवरी सर्जिकल एंड लेप्रोस्कोपी सेंटर में दाखिल हुई थी। अस्पताल के डाक्टर राजीव भांवरी जब आप्रेशन करने लगे तो उन्होंने ऐन मौके पर आप्रेशन करने से मना कर दिया। पूछने पर बताया कि आप्रेशन अभी नहीं किया जा सकता, बल्कि पहले 2 माह तक दवा लेनी पड़ेगी उसके बाद जाकर आप्रेशन होगा। वह दो-तीन माह बाद जब दूसरे डाक्टर के पास गए तो उन्होंने बताया कि महिला कमलेश रानी की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई है क्योंकि आप्रेशन समय पर नहीं किया गया। पीड़ितों ने डाक्टर राजीव भांवरी पर कोताही का आरोप लगा कार्रवाई की मांग को लेकर धरना लगा नारेबाजी की।
थाने पहुंची आईएमए
आईएमएने आपात बैठक बुलाकर मामले की जानकारी हासिल की और फिर थाना सिटी पहुंचकर धरनाकारियों पर कार्रवाई की मांग की। डाक्टरों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही कार्रवाई हुई तो सोमवार से हड़ताल पर जाएंगे।
मामले की जांच कर रहे हैं
थानासिटी के प्रभारी इंस्पेक्टर दविंदर सिंह ने कहा कि आईएमए की तरफ से उन्हें लिखित शिकायत मिल चुकी है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
आरोपों को बताया बेबुनियाद
पीड़ितद्वारा लगाए गए आरोपों को डाक्टर भांवरी ने बेबुनियाद बताते कहा कि उनकी छवि खराब करने के लिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
हंगामा करने वाले लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर रोष व्यक्त करते डाक्टर।