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व्यापारी विंग ने अकालियों के खिलाफ बनाई संघर्ष की रणनीति
अकाली-भाजपाके नगर काउंसिल उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद अकाली दल युवा व्यापारी विंग ने सोमवार को अकालियों के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। विंग के जिलाध्यक्ष सौरव जिंदल और शहरी प्रधान अमन काला ने बैठक कर ऐलान किया प्रदेशाध्यक्ष मन्नू जिंदल को वार्ड नंबर-10 से निर्दलीय चुनाव लड़वाया जाएगा। इसके अलावा सामूहिक इस्तीफे की बात कही है।
लोग जो आदेश देंगे वे मुझे स्वीकार
^मैंनेहमेशा लोगों की सेवा की है और भविष्य में भी करते रहेंगे। पार्टी ने मुझे टिकट नहीं दी इसके लिए वह पार्टी से गुस्सा नहीं है। लोग मुझे आजाद तौर पर चुनाव लड़ने का अगर आदेश देंगे तो वह पीछे नहीं हटेंगे। हमने डेढ़ साल तक इस वार्ड में मेहनत की है। लोगों के लिए वे कुछ भी कर सकते हैं। मन्नूजिंदल, प्रदेशाध्यक्ष, व्यापारी विंग
फैसला स्वीकार करने में ही भलाई
^वार्डदस से मन्नू जिंदल को टिकट देने की पार्टी हाईकमान से सिफारिश की थी, लेकिन भाजपा इस वार्ड से अपना कैंडीडेट खड़ा करने की जिद्द पर अड़ी हुई थी। पार्टी हाईकमान के आदेशों के बाद मन्नू को टिकट नहीं दी गई। हाईकमान के आदेशों को सभी को स्वीकार कर लेना चाहिए, इसी में ही सभी की भलाई होगी। संजीवशौरी मंटी, शहरी जिला प्रधान, अकाली दल
लोकसभा चुनाव से पहले अकाली दल द्वारा व्यापारी विंग का गठन किया गया था, जिसके चेयरमैन खुद खजाना मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा हैं। उन्होंने बरनाला के मन्नू जिंदल को विंग का प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किया था। नगर काउंसिल चुनाव में विंग के पदाधिकारियों ने पार्टी से काउंसिल की पांच टिकटें देने की पेशकश की थी। विंग के प्रदेशाध्यक्ष मन्नू जिंदल ने भी वार्ड नंबर-10 से चुनाव लड़ने का फैसला कर पार्टी से टिकट देने की गुहार लगाई थी। किंतु काउंसिल चुनाव में विंग के किसी भी नेता को एक भी टिकट नहीं दी गई। दूसरी तरफ भाजपा इस वार्ड से अपना उम्मीदवार खड़ा करना चाहती थी। जिससे दोनों पार्टियों के नेता तीन बार आमने-सामने हो गए। गत दिनों वित्तमंत्री ने भी भाजपा के जिला प्रधान गुरमीत सिंह हंडियाया को फोन कर वार्ड नंबर-10 की टिकट मन्नू जिंदल को देने की सिफारिश की थी, लेकिन भाजपाइयों ने ढींडसा की सिफारिश को भी ठुकरा दिया और आखिर में वार्ड 10 से भाजपा के पूर्व प्रधान सुभाष मकड़ा को टिकट दे दी।
भाजपाइयों ने वित्तमंत्री की सिफारिश को भी किया नजरअंदाज