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लोगों ने खुद संभाली सफाई प्रबंधों की बागडोर
को नकारा
शहरवासियोंने स्वच्छ भारत सप्ताह के दौरान प्रशासनिक सफाई प्रबंधों को नकार दिया है। जिम्मेवारों की बेरुखी के चलते इंदिरा कॉलोनी के लोगों ने सफाई प्रबंधों की बागडोर खुद अपने हाथों में ली है। निजी फंड इकट्ठा कर लोग खुद सफाई मुहिम में जुटे हैं। कॉलोनी की मानें तो उन्हें स्वच्छ भारत मुहिम का असर कहीं नजर नहीं रहा है। इंदिरा कॉलोनी वेलफेयर सोसायटी के प्रधान दलजीत सिंह, इन्द्रपाल सिंह, कृष्ण तिवाड़ी, भूपिंदर सिंह, रामजीत शर्मा, राम सिंह, करनैल सिंह, सोनू शर्मा, बलजिन्द्र शर्मा ने बताया है कि कॉलोनी में सीवरेज समस्या को लेकर कई बार नगर काउंसिल अधिकारियों के पास गुहार लगा चुके हैं, लेकिन खानापूर्ति सफाई से अधिक कुछ नहीं हुआ है। सरकारी तौर पर कभी भी उनके क्षेत्र में सफाई पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। जिस कारण हमेशा यहां गंदगी पसरी रहती थी। गंदगी के कारण बेसहारा पशुओं से खतरा भी काफी बढ़ गया था।
उन्होंने बताया कि जिम्मेवारों की बेरुखी के चलते कॉलोनी के लोगों ने कॉलोनी की सफाई खुद करवाने का फैसला लिया है। ऐसे में उन्होंने कॉलोनी के लोगों से निजी तौर पर फंड इकट्ठा किया। जिससे निजी तौर पर कर्मचारियों की मदद से लोग खुद सफाई कार्य में जुटे हैं। नाले से गंदगी को निकाला जा रहा है। नालियों की सफाई कर गंदे पानी की निकासी की जा रही है। सड़कों पर पसरी गंदगी को हटाया जा रहा है। कॉलोनी के लोगों की मानें तो लोग सफाई कार्य के लिए करीब 25 हजार रुपए खर्च कर चुके हैं।
स्वच्छभारत मुहिम को बताया खानापूर्ति : जबकॉलोनी के लोगों ने स्वच्छ भारत सप्ताह के तहत प्रशासन की सफाई मुहिम को महज खानापूर्ति बताया। सप्ताह को शनिवार तीसरा दिन हो चला है। किसी ने भी उनके क्षेत्र की सफाई की ओर कोई ध्यान नहीं दिया है।
मुहिममें हो रही है लापरवाही : हैरतइस बात की है कि जहां सफाई अभियान चल रहा है वहां भी लापरवाही चर्म पर नजर रही है। सफाई कर इकट्ठा किए जा रहे गंदगी के ढेरों को आग से जलाने की कोशिश की जा रही है। नियमत: गंदगी को जलाया नहीं जा सकता है।
वीरवार को शहर का खुड्डी रोड वार्ड नंबर-19 मेंं डीसी समेत अन्य प्रशासनिक अकाली नेताओं ने झाड़ू पकड़कर स्वच्छ भारत मुहिम की शुरुआत की थी।
समाजसेवी लोगों ने की आलोचना
सफाईमुहिम के नाम पर प्रशासनिक खानापूर्ति को समाजसेवी लोगों ने निंदा की है। सुभाष गर