आज घरों के चौबारे किसी के लिए रणभूमि तो किसी के लिए फनभूमि
शुक्रवार को बसंत पंचमी पर घरों के चौबारे किसी के लिए रणभूमि तो किसी के लिए फनभूमि से कम नहीं होंगे। पतंगबाजी के मुकाबलों के लिए शहरवासियों ने वीरवार को अपनी योजनाओं को अंतिम रूप दिया। संगरूर और बरनाला में वीरवार को दुकानों में पतंग और डोर खरीदने वालों की भीड़ देखी गई।
एेतिहािसकमहत्व | इतिहासकारोंके अनुसार धर्मवीर हकीकत राय की शहादत के बाद पतंग बनाने वाला लाहौर का ही एक व्यक्ति था, जिसने आकाश में पहली पतंग उड़ाकर धर्मवीर की शहीदी का प्रसारण किया था।