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बारिश के दिनों में झेलनी पड़ती जलभराव की समस्या
शहर में उद्योगों का होने सबसे अहम समस्या है, जिसके चलते युवाओं को पढ़ लिखकर भी बेरोजगार घूमना पड़ रहा है। उनके पास एकमात्र सहारा दूसरे शहरों में जाकर नौकरी करना बचता है। इसके अलावा शहर में साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट, गंदगी और बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या रहती है, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। हलकी बारिश के कारण ही शहर की सड़कें पानी से भर जाती हैं, जो काफी समय तक निकल नहीं पाता। शहर के लोग इन समस्याओं का समाधान चाहते हैं।
अमनदीप सिंह, कारोबारी,बटाला
^वैसे तो नगर परिषद की बहुत सी जिम्मेदारियां है। लेकिन अगर सफाई और सीवरेज प्रणाली में ही सुधार हो जाए तो लोगों को बहुत राहत मिलेगी। इसके इलावा काफी समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाईटों को भी चलाना चाहिए। ताकि लोग शाम ढलने के बाद भी अपने घरों से बाहर निकल सके।
तरलोक बग्गा, दुकानदार,बटाला
^ छोटी छोटी गलियों में सफाई होने की वजह से हर तरफ गंदगी का आलम रहता है। समय पर गंदगी नहीं उठाई जाती। हर गली के मोड पर गंदगी के ढेर देखे जा सकते है। स्ट्रीट लाईट भी बहुत बड़ी समस्या बन कर सामने आई है। इन सभी समस्याओं ने निजात मिलनी चाहिए।
अश्वनी सेखड़ी, दुकानदार,बटाला
^ यह इलाका शहर की संघनी और अंदर का ऐरिया है,यहां स्ट्रीट लाईटे नहीं जलती,शाम होते ही ब्लैक आऊट हो जाता है। कुछ लोगों ने अपने अपने घरों के बाहर सुरक्षा के तौर पर लाईटे लगवाई है। शेष सारे इलाके में अंधेरा ही रहता है। सफाई का भी बहुत अच्छा हाल नहीं है।
रवि सुरी, मालिक,बटाला
^ क्षेत्र में आज तक नगर परिषद की ओर से कभी गंभीरता नहीं दिखाई गई। जिससे क्षेत्र का सीवरेज,गंदगी और स्ट्रीट लाईटों को लेकर बुरा हाल है। कई बार शिकायत के बावजूद भी कोई हल नहीं निकला। परिषद को चाहिए कि इस सभी समस्याओं का हल करके लोगों को राहत दी जाए।
वजिंदर कुमार, दुकानदार,बटाला
^ क्षेत्र में सीवरेज का बुरा हाल है। कई बार सीवरेज प्रणाली रूकने के कारण सारा गंदा पानी गलियों और घरों के आगे जमा हो जाता है। जिससे घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। स्ट्रीट लाईटे के बराबर है,बहुत लंबे समय से स्ट्रीट लाईटें नहीं जल रही है। जिससे परेशानी होती है।
दविंदर सिंह, ऑपरेटर,गुरदासपुर
^पिछले कुछ समय से शहर में ट्रैफिक की समस्या तेजी से बढ़ रही है। शहर में वाहनों की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन उस हिसाब से सड़कों का निर्माण नहीं हो पाया है। शहर में पार्किंग की भी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे वाहन बेतरतीब सड़कों पर खड़े रहते हैं और यातायात में परेशानी आती है।
सुनील, बिजनेसमैंन,गुरदासपुर
^ शहर में हर तरफ गंदगी का आलम है। कोई एरिया ऐसा नहीं है, जहां गंदगी दिखाई दे। हर तरफ पूरा दिन गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। बारिश के दिनों में हालात बिगड़ जाते हैं। पानी के कारण कूड़े से दुर्गंध उठने लगती है, जिस कारण गुजरना दुश्वार हो जाता है।
अरविंदर सिंह, दुकानदार,गुरदासपुर
^ शहर में साफ-सफाई की काफी समस्या है। कुछ समय पहले तक शहर में कई सफाई कर्मी तैनात थे, लेकिन अब इनमें काफी कमी हो चुकी है। इसलिए शहर में गंदगी के ढेर जमा रहते हैं, लेकिन इन्हें उठाने कोई नहीं पहुंचता। शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह से चौपट हो गई है।
दीपक कुमार, बिजनेसमैंन,गुरदासपुर
^ शहर में सबसे ज्यादा समस्या बारिश के दिनों में पानी की निकासी की है। शहर में डिस्पोजल का प्रबंध तो है, लेकिन इसे जलभराव होने के बाद ही चलाया जाता है। बारिश के दिनों में सड़कों पर पानी जमा हो जाता है, जिससे आने जाने वाले लोगों को परेशानी होती है।
रोहित बब्बर, बिजनेसमंैन,गुरदासपुर
^ शहर की सबसे बड़ी समस्या उद्योगों का होने है। इसके कारण पढ़े लिखे युवा बेरोजगार घूमने को विवश हैं। शहर में उद्योग होने के कारण उन्हें नौकरी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। पंजाब सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। ताकि बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिले।