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पंजाबी लोक लिखारी मंच ने करवाया काव्य सेमिनार
पंजाबीलोकलिखारी मंच बटाला ने बीयूसी कालेज में काव्य सेमिनार और कवि दरबार करवाया। पंजाबी साहित्य अकादमी लुधियाना ने बीयूसी कालेज के सहयोग से करवाए सेमिनार में कालेज के प्रिंसीपल डा. एडवर्ड मसीह मुख्यातिथि थे। शिरोमणि शायर परमिंदरजीत, डा. लखविंदर जोहल, डा. अनूप सिंह, डा. रविंदर और डा. सैमुअल गिल प्रधानगी मंडल में शामिल थे।
सेमिनार में डा. लखविंदर जोहल की नई किताब शबदां दी संसद, हरमीत विद्यार्थी की काव्य पुस्तक उधड़ी होई मैं, अनिल आदम की कविता बाहर उदास खड़ी है, डा. सुदर्शन गासो की शबदां दे गुलाब और गगनदीप शर्मा की काव्य पुस्तक इकल्ला मैं नहीं हुंदा बंदा, पर विचार गोष्ठी की गई। जिसमें हरविंदर भंडाल, डा. अनूप सिंह, डा. रविंदर, डा. शमशेर मोही, डा. चरणदीप सिंह, डा. नरेश कुमार, गगनदीप शर्मा, वर्गिस सलामत, बलविंदर सिंह गंभीर, दविंदर दीदार, सुरिंदर रामपुरी और जसवंत हांस ने अपनी संक्षेप और टिप्पणियां की। उक्त लेखकों ने वर्तमान पंजाबी कविता की दशा और दिशा पर भी बात की। कवि दरबार में हरपाल नागरा, राजपाल बाठ, शमशेर मोही, लाभ सिंह बेगोवाल, डा. सैमुअल गिल, वर्गिस सलामत, विनोद शायर, हीरा मिशरपुरिया, शरणजीत सिंह, जसवंत हांस, सुलतान भारती, अजीत कमल, पारस, परमजीत कौर, नरिंदर संघा, डा. रमनदीप और संधू बटालवी ने अपनी कविताएं और गीत पेश किए।