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जांच को लेकर सेहत विभाग और पुलिस में तालमेल की कमी
घुमानमेंआंखों के अॉपरेशन कैंप में 23 लोगों की आंखें गंवाने के मामले में पुलिस जांच आगे नहीं बढ़ रही। सेहत विभाग और पुलिस में जांच को लेकर पेंच फंस गया है। सेहत विभाग और पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है पर दोनों विभागों में कोआर्डिनेशन दिखाई नहीं दे रहा। इस कांड के एक हफ्ते बाद भी बटाला पुलिस अभी तक अॉपरेशन करने वाले अस्पातल के संचालक की पहचान नहीं कर पाई जबकि घुमान थाना में गुरु नानक मल्टी स्पेशीलिटी अस्पताल के खिलाफ केस दर्ज किया गया था और सब जानते है कि अस्पताल का संचालक कौन है।
इसी अस्पातल में 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक 153 बुजुर्गों की आंखों के अॉपरेशन किए गए थे। जिसके लिए प्रशासन से मंजूरी नहीं ली गई थी। पहले बटाला पुलिस ने जांच में देरी के लिए सेहत विभाग पर जिम्मेदारी डालते हुए कहा था कि सेहत विभाग की रिपोर्ट आने के बाद ही जांच आगे बढ़ पाएगी। अब जबकि सेहत विभाग ने अपनी जांच रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है, इसके बाद पुलिस आनाकानी के मूड में गई है। इससे साफ हो जाता है सेहत विभाग और पुलिस विभाग में इस मामले की जांच को लेकर तालमेल नहीं है।
उधर, सिविल सर्जन गुरदासपुर डा. रजनीश सूद ने बताया कि जांच के लिए एसएमओ भाम डा. हरभजन सिंह के नेतृत्व में 3 सदस्यीय जांच कमेटी ने रिपोर्ट दे दी थी जो 9 दिसंबर को एसएसपी बटाला को सौंप दी गई। दूसरी तरफ एसएसपी इंद्रबीर सिंह ने कहा कि उन्हें सिविल सर्जन की कोई रिपोर्ट नहीं मिली। इससे पहले अॉपरेशन करने वाले जालंधर के डा. विवेक अरोड़ा में भी पुलिस यू टर्न ले चुकी है। 5 दिसंबर को पुलिस ने मीडिया को बताया था कि डा. अरोड़ा को गिरफ्तार किया गया है लेकिन 6 दिसंबर को बताया गया कि उन्हें सिर्फ हिरासत में लिया गया था।