10 बजे से पहले शहर बंद करने का फरमान
बटालापुलिसने क्राइम रोकने और रात के समय होने वाले लड़ाई झगड़ों को रोकने के लिए नया फॉर्मूला अपनाया है। जिसका असर पहले दिन ही देखने को मिला। वैसे इस फॉर्मूले की आड़ में पुलिस कुछ छिपाने की कोशिश कर रही है। देखना यह है कि इसका फायदा पुलिस को आने वाले दिनों में होता है कि नहीं।
जानकारी के अनुसार कुछ समय से बटाला में अपराध बढ़े हैं, जिनको पुलिस पूरी तरह खत्म नहीं कर पाई। शाम होने और देर रात होने वाले क्राइम और लड़ाई झगड़ों को रोकने के लिए सिटी पुलिस ने खाने पीने और विशेषकर नॉनवेज और सिगरेट आदि के दुकानदारों को वीरवार को फरमान सुनाया कि रात 10 बजे से पहले सभी दुकानें, रेहडिय़ां बंद हो जानी चाहिए। जिस पर अमल लाने के लिए एसएचओ हरित शर्मा पुलिस फोर्स के साथ रात को पैट्रोलिंग करते रहे। लोगों ने भी पुलिस के इस फरमान को अपनाया और करीब 10 बजे पूरा शहर बंद हो गया। इसका असर रेस्त्रां में भी देखने को मिला। दुकानदारों और रेहड़ी वालों नेे पुलिस का सहयोग किया और कुछ हद तक पुलिस के इस कदम को सही ठहराया। पुलिस द्वारा शहर से क्राइम खत्म करने के लिए लागू किए इस फॉर्मूले का सही मायनों में दुकानदार कितनी देर तक लागू रखते है और इसका क्या लाभ होगा।
पीसीआरपैट्रोलिंग का काम यह फॉर्मूला करेगा
पीसीआरपैट्रोलिंग काफी समय से बंद है। पहले चौबीसों घंटे पीसीआर कर्मचारी बाइक पर सायरण बजाते हुए निकलते थे और कहीं कहीं अपराधियों पर इसका असर होता था। यह बंद होने पर क्राइम रेट बढ़ा है। इस संबंधी एसएचओ हरित शर्मा ने बताया कि क्राइम को रोकने के लिए उन जगहों पर 10 बजे तक दुकानें रेहड़ियां बंद करने के लिए कहा गया है, जहां पर लोग शराब पीते थे या देर रात तक युवक सिगरेट पीते थे। उन्होंने बताया शहर में नाकों की संख्या बढ़ाई गई है, जिस कारण पीसीआर कर्मियों को वहां तैनात किया गया लेकिन यह स्थाई कार्रवाई नहीं है। पीसीआर रूटीन से शुरू होगी।