- Hindi News
- पीने को साफ पानी मिले, नशा और बेरोजगारी खत्म हो
पीने को साफ पानी मिले, नशा और बेरोजगारी खत्म हो
^जिस प्रकार केंद्र राज्य सरकार के साथ एनजीओ पैसे खर्च करके युवाओं को अवेयर करने का प्रयास कर रही हैं। वैसे रिजल्ट नहीं रहे। कहां कमी है और इसका जरूरत के अनुसार रिजल्ट कितना होना चाहिए। यह सब सरकार की जिम्मेदारी है। अगर सब मिलकर प्रयास करें तो ही कुछ होगा।
रवि सूरी , स्कूलऑनर, बटाला
^ नशे को रोकने में पुलिस और प्रशासन का अहम रोल होता है। निष्पक्ष तौर पर ऐसा टीम वर्क होना चाहिए कि नशा करने वालों की बजाए इसे फैलाने वालों को पकड़ा जाए तो असर देखने को मिल सकेगा। बड़ी मछलियां हाथ नहीं आती और नशा करने वालों को पकड़ लिया जाता है।
सुमीत भारद्वाज , जॉब,बटाला
^ सरकार और एनजीओ की तरफ से स्कूलों- कॉलेजों में सेमिनार करवाने से नशे के खिलाफ जागरूक किया जा सकता है, पर इसे खत्म कैसे किया जाए, यह अहम बात है। सब जानते हैं कि उनके आसपास कौन युवा नशे की गिरफ्त में हैं, इसलिए ऐसे युवाओं को नशा छोड़ने को प्रेरित करें।
तिरलोक बग्गा , शॉपकीपर,बटाला
^ नशा किसी भी कारण से बढ़ा हो, आज युवाओं को इसकी गिरफ्त से छुड़वाना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। युवाओं से जोर जबरदस्ती करने से अच्छा है कि उनके साथ बैठ कर चर्चा करें और इसके दुष्परिणाम के बारे में उन्हें बताएं। युवा पीढ़ी समझदार है, वे खुद इसका त्याग कर देगी।
अश्विनी सेखड़ी, शॉपकीपर,बटाला
^ आज बेरोजगारी बहुत बढ़ चुकी है। युवा बिना काम के दिन काट रहे हैं और यही कारण है कि वह नशे का सहारा लेने को मजबूर हो जाते हैं। इससे नशे को बढ़ावा मिलता है। सरकार को अगर नशे को जड़ से खत्म करना है तो युवाओं को पहल के आधार पर रोजगार मुहैया करवाए।
स्वर्ण सिंह, सरकारीकर्मी, गुरदासपुर
^ शहर में कूड़ा फेंकने के लिए डंपरों की काफी कमी है। कौंसिल को डंपरों की संख्या बढ़ानी चाहिए ताकि लोग इनमें कूड़ा फेंक सकें और शहर को गंदगी से निजात मिल सके। वर्तमान में शहर भर में कूड़ा इधर-उधर फैला रहता है, जिससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पुष्पिंदर सिंह , रिटा.कर्मी, गुरदासपुर
^ शहर की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी की है। युवा पढ़ लिखकर भी बेरोजगार घूमने को विवश हैं। शहर में कोई इंडस्ट्री होने के कारण उन्हें नौकरी के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। प्रदेश सरकार को इलाके में इंडस्ट्री लगाने को प्राथमिकता देनी चाहिए।
गुरमीत ठाकुर , बिजनेसमैन,गुरदासपुर
^ शहर के कुछ इलाकों की गलियां पिछले काफी समय से नहीं बनी हैं। जरा सी बारिश से ही गलियों में पानी जमा हो जाता है, जिससे यहां से गुजरना तक मुश्किल हो जाता है। पानी की निकासी का कोई उचित प्रबंध नहीं है। इस समस्या को कभी भी किसी ने गंभीरता से नहीं लिया।
वरुण महाजन, बिजनेसमैन,गुरदासपुर
^सबसे बड़ी समस्या साफ-सफाई होनी है। कई दिनों तक कूड़ा गलियों में पड़ा रहता है, जिसे उठाने कोई नहीं आता। इससे बदबू तक उठने लगती है। कई जगह पर तो लोगों ने खुद कूड़ा उठवाने का प्रबंध कर रखा है। नगर कौंसिल को इसका स्थाई समाधान करना चाहिए।
बीरइंद्र सिंह , बिजनेसमैन,गुरदासपुर
^ शहर में गंदे पानी की निकासी की सबसे बड़ी समस्या है। नालियों की रोजाना सफाई होने से गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है। इससे सड़कों से गुजरने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नगर कौंसिल इस ओर कोई ध्यान नहीं देती।
गुरदासपुर शहर के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। कई इलाकों में पानी की समस्या है तो कहीं गलियों का निर्माण नहीं हो पाया है। किसी इलाके में गंदा पानी नहीं निकल पाता तो कहीं स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है। ज्यादातर इलाकों में गलियां टूटी पड़ी हैं। वहीं, बटाला में युवाओं का कहना है कि बेरोजगारी दूर करने और नशे के खिलाफ सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए। अगर सभी मिलकर नशे के खिलाफ लड़ें तो इसके पॉजीटिव रिजल्ट सामने आएंगे।