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भास्कर मंच

6 वर्ष पहले
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वार्ड 5 के लोगों की सबसे बड़ी समस्या सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और कच्ची सड़कों की

वार्ड 5 के लोग गलियों की खस्ताहाल, वाटर सप्लाई और स्ट्रीट लाइट से परेशान

नईवार्डबंदी के अनुसार वार्ड नं. 5 काहनूवान रोड पर है। मुख्य तौर पर इसी नाम से जानी जाती है। सिंबल चौक, शांतिनगर का क्षेत्र इसमें आता है। यह वार्ड सिंबल चौक, शांति नगर, काहनूवान रोड और मॉडल टाउन रोड से भी कुछ हिस्सा छूता है, साथ ही गुरदासपुर रोड से कुछ भाग इस वार्ड को लगता है। इस क्षेत्र में सिख-हिंदू मिली जुली वोट है और यह शिअद के खाते में रहा है। यह वार्ड पुरानी वार्ड बंदी के अनुसार 8 में आता था, अब नई वार्डबंदी के अनुसार इसमें कुछ भाग जोड़ कर और काट पर 5 नंबर बना है।

यहां भी लोगों की मांग है कि सीवरेज का बुरा हाल है, गलियों नालियों की सफाई होने के कारण लोगों को बहुत परेशानियों को सामना करना पड़ता है। पार्षद की ओर से कभी जीतने के बाद समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया।

केवल चुनावों के समय कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल के नेताओं ने चेहरा दिखाया, परंतु नतीजों के बाद कोई भी नहीं आता। जिससे लोगों में बहुत पार्षद और राजनीतिक लोगों के खिलाफ काफी रोष है। इस वार्ड में कांग्रेस के अलावा गठबंधन होने के बावजूद अकाली और भाजपा दोनों की इस वार्ड में अंदर खाते अपनी अपनी दावेदारी जता रहे है और दोनों की पार्टी के चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार अपने ढंग से वार्ड में लोगों से संपर्क बना रहे है। लेकिन शिअद सीट हथियाने में भारी नजर रही है।

समस्याओं का हल नहीं हुआ

नंदकिशोर ने कहा कि इलाके के पार्षद से कई परेशानियों को लेकर शिकायत की गई, परंतु उन्होंने गंभीरता से काम नहीं लिया और लोगों की परेशानियों का हल करने के लिए विशेष प्रयास नहीं किए गए।

दीवारों को रहा सेम

कुलवीरसिंह ने बताया कि इलाके में सीवरेज प्रणाली ठुस रहने के कारण पानी नालियों में खड़ा रहता है। जिसके कारण घरों की दीवारों को सेम रहा है और नींव भी कमजोर होने का डर बना हुआ है।

वार्ड में नहीं स्ट्रीट लाइटें

परमजीतसिंह ने कहा कि क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट नाम की कोई चीज नहीं है। बहुत समय पहले से स्ट्रीट लाइटें खराब हो चुकी है। जिनको कौंसिल और ठेकेदारों की ओर से जगाया नहीं गया। शाम होते ही पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है।

परिषद ने वार्ड से भेदभाव

दर्शनकुमार ने कहा कि परिषद की ओर से वार्ड के साथ भेदभाव किया जाता है। सफाई करने वाला कोई नहीं आता। घरों निकलने वाले कूड़े के लिए लोगों ने प्राईवेट व्यक्ति रखा हुआ है, जिसको सभी घर वाले पैसे देते है और गलियों में रहने वाले लोगों को खुद नालियां आदि की सफाई करनी पड़ती है।

सारी गलियां कच्ची हैं

स्मृतिसिंह ने बताया कि इलाके में गलियां कच्ची है और वर्षों से पक्की सड़कें बनाने की मांग चल रही है, लेकिन आज तक इस समस्या का हल नहीं हुआ। मिट्टी की गलियां होने कारण बारिश के दिनों में बहुत बुरा हाल है। गंदगी भी समय पर नहीं उठाई जाती।

सीवरेज नाम की चीज नहीं

जतिंदरदारा ने कहा कि शांति नगर का बहुत बुरा हाल है, पूरी वार्ड में सिर्फ एक यहीं ऐसी वार्ड हैं। जिसमें कोई सीवरेज प्रणाली नहीं है। जिस कारण लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। रिहायशी क्षेत्र होने के कारण यह समस्या बड़ी है और इसका समाधान जल्द से जल्द होना चाहिए। ताकि कोई समस्या आए।

कई गलियों में सीवरेज नहीं

बलजीतसिंह छीना ने बताया कि क्षेत्र में बहुत समस्याएं है, सीवरेज की समस्या तो बहुत बड़ी है, जिसका हल बहुत समय से नहीं हुआ है। यहां तक कि कई गलियों में तो सीवरेज ही नहीं है, जिससे लोगों ने अपने घरों के बाहर मेनहोल बना रखे है। परिषद समस्या का समाधान करे।

कूड़ा फेंकने की पर्याप्त जगह नहीं

लाजवंतीने बताया कि घरों से रोजाना कूड़ा निकलता है, कूड़ा कहीं फेंकने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। कूड़ा फेंकने को लेकर कई मोहल्ले के लोगों का आपस में तकरार हो जाता है। कई कई दिन का कूड़ा इक्ट्ठा करके कहीं दूर जा कर फेंकना पड़ रहा है। परिषद् को चाहिए किए समस्या का समाधान जल्द हो।

स्ट्रीट लाइटें नहीं

सुदेशकुमारी ने बताया कि सफाई और सीवरेज बुरा हाल है, क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटों का होना बेहद जरूरी है। कोई गंदगी उठाने नहीं आता। लोगों को बहुत बहुत दूर दूर जाकर घरों की गंदगी फेंकने जाना पड़ता है। पिछले कई वर्षों से स्ट्रीट लाइटें जगाई ही नहीं गई। लोगों ने घरों के खुद की लाइट लगाई हुई है।

रिजर्वेशन जनरल

कुल वोट- 3314

पुरुष वोटर-1757

महिला वोटर-1557

एरिया : सिंबल चौक, शांति नगर, काहनूवान रोड, मॉडल टाउन रोड तथा गुरदासपुर रोड का कुछ भाग।

वार्ड 5 की महत्वपूर्ण जानकारियां

गलियां नहीं बनी

सोनियाका कहना है कि काफी समय से इलाके की गलियों का निर्माण नहीं हो पाया, जिससे गड्ढे पड़े हुए हैं। ऐसे में आने जाने में काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। नालियों की सफाई होने के कारण गंदा पानी जमा रहता है।

वाटर सप्लाई का बुराहाल

किशनकुमार का कहना है कि इलाके में वाटर सप्लाई की व्यवस्था का बुरा हाल है। पानी कई दिनों तक नहीं आता है। इसके अलावा गलियों-नालियों में फैली रहने वाली गंदगी के कारण सदा बीमारी का खतरा बना रहता है।

लाइट की व्यवस्था नहीं

रविकुमार का कहना है कि इलाके की सबसे बड़ी समस्या वाटर सप्लाई की है। कई दिनों तक इलाके के लोग पानी से महरूम रहते हैं, जिसके कारण परेशानी झेलनी पड़ती है। इसके अलावा गलियों में लाइट की व्यवस्था नहीं है।

सफाई नहीं होती

गृहिणीमधुबाला का कहना है कि इलाके में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। कई-कई दिन तक कूड़ा उठाने कोई नहीं आता। बारिश के दिनों में हालात और बिगड़ जाते हैं। कूड़े से बदबू उठने लगती है, जिससे गलियों से गुजरना तक मुहाल हो जाता है।

स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं

ऑटोमेकेनिक पंकज कुमार का कहना है कि इलाके में स्ट्रीट लाइट की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में रात को हर समय किसी वारदात का भय बना रहता है। एमसी ने कभी इलाके का चक्कर तक नहीं लगाया है कि उसे परेशानी बताई जा सके।

सफाई नहीं होती

मंडीबोर्ड कर्मी रविकांत का कहना है कि इलाके में सफाई नहीं होती। एमसी ने कभी भी यहां पर चक्कर लगाकर लोगों की परेशानी को जानने का प्रयास नहीं किया। छुट्टी वाले दिन खुद सफाई करते है।

सीवरेज की समस्या

विजयकुमार का कहना है कि इलाके में सीवरेज जाम की सबसे अहम समस्या है। सीवरेज जाम होने के कारण पानी ओवरफ्लो हो जाता है। नालियां भी हमेशा बंद रहती हैं, जिससे गलियों में गंदगी फैली रहती है और बीमारियां फैलने का डर बना रहता है। परिषद को चाहिए समस्या का समाधान करे।

सफाई का बुरा हाल

अमरनाथका कहना है कि इलाके में साफ-सफाई का बुरा हाल है। गलियां हमेशा कूड़े के ढेरों से भरी रहती हैं, लेकिन इन्हें हटाने का प्रयास कोई नहीं करता। इसके अलावा नालियों में भी गंदगी भरी रहती है। देखा जाए तो पूरी वार्ड में गंदगी फैली हुई है, िजसको उठाने के लिए कोई नहीं आता।

बाशिंदों की आवाज

वार्ड की बात

काेई विकास नहीं हुआ

जेईपुष्पिंदर कुमार का कहना है कि इलाके में आज तक कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। दो माह पहले ही गली बनाई गई थी, जो टूट गई है। सीवरेज ब्लाकेज की समस्या भी रहती है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। लोगों को रही समस्या की तरफ किसी का कोई ध्यान नहीं है।

सीवरेज रहता हैं जाम

रिटायरकर्मी सुरजीत सिंह का कहना है कि इलाके का सीवरेज हमेशा जाम रहता है, जिससे गंदा पानी गलियों में घूमने लगता है। इसके अलावा वाटर सप्लाई की भी काफी समस्या है, जिससे लोगों को रोजाना दो-चार होना पड़ता है। समस्या का समाधान जल्द होना चाहिए।

रिजर्वेशन जनरल

कुल वोट- 2291

पुरुष वोटर-1172

महिला वोटर-1119

एरिया : छत्ती खूही का इलाका, अमर टैंट हाउस वाली गली, सरोज बुटीक वाली गली, अमर पैलेस।

वार्ड 5 की महत्वपूर्ण जानकारियां