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लोगों ने परिषद की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

6 वर्ष पहले
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पप्पु वर्मा, दुकानदार,बटाला

^वैसे तो नगर परिषद की बहुत सी जिम्मेदारियां है। लेकिन अगर सफाई और सीवरेज प्रणाली में ही सुधार हो जाए तो लोगों को बहुत राहत मिलेगी। काफी समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को भी चलाना चाहिए। ताकि लोग शाम ढलने के बाद भी अपने घरों से बाहर निकल सके।

के के गुलाटी, दुकानदार,बटाला

^ छोटी छोटी गलियों में सफाई होने की वजह से हर तरफ गंदगी का आलम रहता है। समय पर गंदगी नहीं उठाई जाती। हर गली के मोड पर गंदगी के ढेर देखे जा सकते है। स्ट्रीट लाईट भी बहुत बड़ी समस्या बन कर सामने आई है। इन सभी समस्याओं ने निजात मिलनी चाहिए।

सुदर्शन कुमार , जॉब,बटाला

^ यह इलाका शहर की संगनी और अंदर का एरिया है,यहां स्ट्रीट लाइटें नहीं जलती,शाम होते ही ब्लैक आउट हो जाता है। कुछ लोगों ने अपने अपने घरों के बाहर सुरक्षा के तौर पर लाइटें लगवाई है। शेष सारे इलाके में अंधेरा ही रहता है।

कमलप्रीत सिंह , दुकानदार,बटाला

^ क्षेत्र में आज तक नगर परिषद की ओर से कभी गंभीरता नहीं दिखाई गई। जिससे क्षेत्र का सीवरेज,गंदगी और स्ट्रीट लाइटों को लेकर बुरा हाल है। कई बार शिकायत के बावजूद भी कोई हल नहीं निकला। परिषद को चाहिए कि समस्याओं का हल करके लोगों को राहत दी जाए।

ऋषि सेठ, कारोबारी,बटाला

^ क्षेत्र में सीवरेज का बुरा हाल है। कई बार सीवरेज प्रणाली रूकने के कारण सारा गंदा पानी गलियों और घरों के आगे जमा हो जाता है। जिससे घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। स्ट्रीट लाइटें के बराबर है,बहुत लंबे समय से स्ट्रीट लाइटें नहीं जल रही है।

रमेश कुमार, रिटा.कर्मी, गुरदासपुर

^ शंकर नगर में गली का सीवरेज अंदर ही अंदर लीक हो रहा है। इसके चलते जहां गली धंसती जा रही है, वहीं इलाके के घरों को भी नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है। इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा, जिसके चलते समस्या बढ़ती जा रही है।

मुनीश, बिजनेसमैंन,गुरदासपुर

^ शहर में स्ट्रीट लाइट का बुरा हाल है। ये कभी-कभार ही जलती हैं, जिसके चलते सदा किसी घटना का अंदेशा बना रहता है। अगर कई शिकायतों के बाद स्ट्रीट लाइट ठीक भी कर दी जाती हैं तो फिर थोड़े दिनों बाद हालात वैसे ही बन जाते हैं। कौंसिल को समाधान करना चाहिए।

रोहित उप्पल , समाजसेवक, गुरदासपुर

^ शहर की सबसे बड़ी समस्या साफ-सफाई की है। कई दिनों तक कूड़ा गलियों में पड़ा रहता है, जिसे उठाने का कोई प्रबंध नहीं किया जाता। हलकी बारिश के समय समस्या और बढ़ जाती है। कूड़ा गलियों में फैल जाता है, जिससे सारा दिन दुर्गंध उठती रहती है।

जगजीत िसंह, लेक्चरार,गुरदासपुर

^शहर में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। जिस तरफ भी नजर जाती है, गंदगी ही गंदगी दिखाई देती है। कौंसिल को साफ-सफाई की ओर ध्यान देना चाहिए। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान चला रखा है और दूसरी ओर हालात ऐसे बने हुए हैं।

मनु, बिजनेसमैन,गुरदासपुर

^ शहर की गलियां बने सदियां बीत चुकी हैं। हालत यह है कि हलकी बारिश से ही गलियां तालाब बन जाती हैं। कौंसिल को इसकी ओर ध्यान देना चाहिए ताकि लोगों को इस परेशानी से निजात मिल सके। करीब पांच साल से खोदी गई गलियों का भी निर्माण नहीं हो पाया।

शहर के लोग आज भी प्राथमिक सुविधाओं से वंचित हैं। उन्हें समझ नहीं रहा कि आखिर उनकी ओर से चुने जाने वाले जनप्रतिनिधि उनकी समस्याओं का समाधान क्यों नहीं करा पा रहे। हालत यह है कि पूरा शहर साफ-सफाई, टूटी गलियों, सीवरेज और वाटर सप्लाई की समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन इनका समाधान नहीं हो पा रहा। परिषद की ओर से पिछले समय के दौरान शहर की जनता के लिए कोई काम नहीं किया गया। लोगों को कोई सुविधा नहीं मिली है।