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आशा वर्करों का वित्तमंत्री ढींडसा की कोठी पर प्रदर्शन, नारेबाजी

7 वर्ष पहले
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गरजीं आशा वर्कर

सरकारीवादाखिलाफी के विरोध में शनिवार को आशा वर्कर्स फेसीलिटेटर यूनियन के सदस्यों का गुस्सा फूट पड़ा। वर्करों ने शहर में रोष मार्च निकालकर वित्तमंत्री निवास स्थित मुख्य सड़क पर धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे धूरी-पटियाला बाईपास मार्ग पर टैफिक सिस्टम काफी प्रभावित रहा। इस दौरान उन्होंने पंजाब सरकार पर मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने धमकी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा। उधर, यूनियन के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने वित्त मंत्री निवास के पास सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे।

इस मौके पर लखविंदर कौर तरनतारन और राजिंदर कौर काकड़ा ने कहा कि सरकार आशा वर्कर फैसिलिटेटरों से सभी कार्य ले रही है। बावजूद सदस्यों के इंसेंटिव में कोई बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। गर्म सर्द मौसम की वर्दियां नहीं मुहैया करवाई जा रही हैं। मोबाइल भत्ता देने पर सरकार टालमटोल कर रही है। यूनियन के सुनीता रानी लौंगोवाल और जसमेल कौर भवानीगढ़ ने कहा है कि वर्करों को 65 सौ रुपए मान भत्ता दिया जाना चाहिए। वर्करों को रेगुलर करने के लिए भी सरकार को कदम उठाने चाहिए। ब्लॉक शेरपुर की प्रधान बलजिन्दर कौर बलवंत कौर अमरगढ़ ने कहा है कि मांगों की प्राप्ति तक संघर्ष जारी रहेगा।

फेडरेशनने मदद का दिया भरोसा : पंजाबसब ऑडिनेट सर्विसेज फेडरेशन के प्रदेश सीनियर उप प्रधान कर्मजीत सिंह और स्टेट आगु दर्शन रोगला ने यूनियन सदस्यों को पूरी मदद करने का विश्वास दिलाया। इस मौके पर ब्लॉक पंजगराईयां की प्रधान राधा रानी, नूरजहां, फेडरेशन के जिला प्रधान स्वर्ण सिंह अकबरपुर, महा सचिव नरिन्द्रजीत सिंह , रणजीत सिंह, बलदेव सिंह बडरूखां, हरबीर सुनाम, संसारी राम, तेजा सिंह भनभौरी, शिंदर कौर जहानबी सरबरपुर, बलविंदर कौर, जसबीर कौर आदि उपस्थित थे। संघर्ष की अगुवाई जसविंदर कौर और राजविंदर कौर ने की।

ये हैं मुलाजिमों की मांगें

मांगकी गई कि वर्करों के इंसेटिव में बढ़ोतरी की जाए, मौसम के अनुसार वर्करों को वर्दियां मुहैया करवाई जाएं, वर्करों को कम से कम 65 सौ रुपए मान भत्ता दिया जाए, वर्करों को रेगुलर किया जाए, बैठकों में आने-जाने का यात्रा भत्ता दिया जाए, वर्करों का मुफ्त बीमा किया जाए।

जाम के कारण मार्ग डायवर्ट

यूनियनसदस्यों के वित्त मं