पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • वकीलों ने की हड़ताल, कामकाज ठप

वकीलों ने की हड़ताल, कामकाज ठप

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
फगवाड़ामें वकीलों के चैंबरों के निर्माण को रुकवाने के विरोध में जिला बार एसोसिएशन के सदस्यों ने शुक्रवार को हड़ताल कर कोर्ट के कामकाज को पूर्ण रूप से ठप रखा। इस दौरान एसोसिएशन के सदस्यों ने चैंबर से बाहर निकल पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी आवाज को बुलंद किया। कामकाज ठप होने के कारण कोर्ट में पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा है जिस कारण लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी है।

यहहै मामला

फगवाड़ाकोर्ट में वकील नए साथियों के बैठने के लिए चैंबरों का निर्माण करवा रहे थे। जिसका कार्य एसडीएम फगवाड़ा ने रुकवा दिया। ऐसे में फगवाड़ा में बार एसोसिएशन के सदस्य 22 सितंबर से नो वर्क हड़ताल पर चल रहे हैं। एसोसिएशन के सदस्य ने शुक्रवार को पंजाब भर में कोर्ट का कामकाज ठप करने का आह्वान किया था।

जिला बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट हरपाल सिंह चीमां ने कहा कि उनकी एसोसिएशन फगवाड़ा में बार एसोसिएशन के संघर्ष का समर्थन करती है। फगवाड़ा में वकीलों को चैंबर बनाने नहीं दिए जा रहे हैं।

यदि वकीलों के पास बैठने के लिए योग्य स्थान नहीं होगा तो वकील अपना कामकाज कैसे कर सकते हैं। पंजाब भर में वकील कोर्ट का अहम अंग हैं। ऐसे में सरकार को पंजाब भर में वकीलों के चैंबरों के लिए एक पॉलिसी बनानी चाहिए।

इस मौके पर बलजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह शेरगिल, सुरजीत सिंह रंधावा, जगजीत सिंह छाजला, मनदीप सिंह चहल, प्रितपाल सिंह सिद्धू, सुरजीत ग्रेवाल, धर्मपाल सिंह, जगतार सिंह चंगाल आदि उपस्थित थे।

बैरंगलौटे लोग : शुक्रवारको लोग अपने कामकाज के लिए आम दिनों की तरह कोर्ट परिसर में पहुंचे। जहां वकील चैंबरों में नजर जरूर आए परंतु वकील काम नहीं कर रहे थे। धीरे-धीरे लोगों को हड़ताल की जानकारी हो गई। ऐसे में दूर-दराज से पहुंचे लोगों को खाली हाथ ही घरों को लौटना पड़ा है। गांव उपली के बलजीत सिंह ने बताया है कि वह अपने रिश्तेदार की जमानत के लिए कोर्ट में आया था परंतु हड़ताल के चलते काम नहीं हो सका है। गांव बडरूखां के अमृतपाल सिंह के अनुसार वह एक मामले को लेकर कोर्ट में पहुंचा था परंतु हड़ताल के कारण केस की सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। ऐसे में अगली तारीख लेकर गांव लौटना पड़ रहा है।

यह हैं मांगें | पंजाबभर में वकीलों के चैंबर के लिए एक पॉलिसी बनाई जाए, चैंबरों के लिए सरकार ग्रांट मुहैया करवाए, कोर्ट परिसर मे