कन्या भ्रूणहत्या के खिलाफ करवाए सेमिनार
कन्या भ्रूणहत्या पर नाटक पेश करते स्टूडेंट्स।
कन्या भ्रूणहत्या के खिलाफ नाटक का मंचन।
कन्या भ्रूणहत्या के खिलाफ सेमिनार में बैठे स्टूडेंट्स।
भास्कर न्यूज | डेरा बाबा नानक
सरकारीसीनियर सेकेंडरी स्कूल में जिला बाल विकास प्रोजेक्ट अधिकारी और सीडीपीओ के सहयोग से लिंग अनुपात को कायम रखने के लिए सेमिनार लगवाया गया। इसमें मुख्य मेहामन के रूप में राकेश कुमार एसएमओ और सरपंच जगदीप सिंह शामिल हुए।
डाॅ. रमेश ने कहा कि कन्या भ्रूणहत्या समाज पर कलंक है। इसकी रोक लिए प्रत्येक व्यकित को काम करना चाहिए।सरकार और स्वास्थ्य विभाग इसको रोकने के लिए रोजाना प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही वह लोगों को इसके प्रति जागरूक भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जनता के अवेयर हुए बगैर सरकारें और अन्य संगठन इस कलंक के खिलाफ कुछ नहीं कर सकते। लोगों को अपनी सोच बदलने की जरूरत है। एएनएम रंजना शर्मा ने कहा कि आज दुनिया के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाएं, पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर चल रहीं हैं। ज्यादातर पुरुषों से आगे भी निकल रही है। इन बातों से सीखने की जरूरत है कि लड़कियां परिवार पर बोझ नहीं है। आज के दौर में वे आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हमें प्रण लेना चाहिए कि खुद भी ऐसा पाप करें और दूसरों को भी करने से रोकें। जालंधर से आई टीम ने सृजना नाटक पेश करके कन्या भ्रूणहत्या के खिलाफ लोगों को जागरूक किया। इस अवसर पर प्रिंसिपल विनोद अत्री, एसएचओ सतपाल सिंह, हकूमत राए, सुभाष कुमार, पलविंदर सिंह उपस्थित थे।
बेटीबचाओ, बेटी पढ़ाओ विषय पर सेमिनार
काहनूवान|माता गुजरीमेमोरियल काॅलेज आफ ग्रुप आॅफ एेजुकेशन चक्क शरीफ में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर सेमिनार कराया गया। इस मौके पर पीओ सुरिंदर कौर, कमल अत्री, सुनैना ठाकुर, राजविंदर कौर की अगुवाई में बीपीएड महिंदर पाल, बलवंडा और चक्क शरीफ के सरपंच और गुरदासपुर के आंगनवाड़ी कर्मचारी शामिल हुए। सेमिनार में वक्ताओं के अलावा स्टूडेंट्स ने भी कन्यू भ्रूणहत्या पर भाषण, नाटक और कविताएं पेश की। जालंधर से आई नाटक टीम की तरफ से एक नाटक पेश किया गया। इसमें कन्या भ्रूणहत्या जैसी सामाजिक बुराई को दिखाते हुए बेटियों को बचाने और पढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। सेमिनार के अंत में मेहमानों ने सभी का धन्यवाद किया। इस मौके पर बचपन स्कूल की प्रिंसिपल शिवानी खजूरिया, बीएड काॅलेज का स्टाफ मौजूद था।