पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • स्वाइन फ्लू की लें टेंशन, इंतजाम हंै पूरे

स्वाइन फ्लू की लें टेंशन, इंतजाम हंै पूरे

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
राज्यमें एचवनएनवन (स्वाइन फ्लू) के संदिग्ध मरीजों के मिलने के चलते जिला सेहत विभाग हरकत में गया है। प्रशासन की ओर से सिविल अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड स्थापित करने समेत भविष्य में अचानक पैदा होने वाली किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के प्रबंध कर लिए गए हैं। वही इस वायरस से पीड़ित समेत उसके संपर्क में आए उसके परिजनों को देने वाली दवाइयों की भी व्यवस्था करने का दावा किया है।

क्याहै एचवनएनवन

सुअरोंसे फैलने वाला यह वायरस मनुष्य और पक्षियों में फैलता है। यह वायरस अगर किसी मनुष्य के शरीर में चला जाए तो यह उसके संपर्क में आने वाले उसके परिजनों और अन्य लोगों को तुरंत प्रभावित कर देता है। जिसके चलते विभाग की ओर से किसी भी संदिग्ध मरीज के सामने आने पर एहतियात के तौर पर उसके परिजनों को भी इसकी दवा तुरंत दी जाती है।

यहहैं फ्लू के लक्षण

गलेमें खराश पैदा होना, जुकाम और निरंतर खांसी होना, सिर और बदन में दर्द और मांसपेशियों में अकड़न, जोड़ों मे अचानक कठोरता आना, अचानक उल्टियां आना और इनका ज्यादा बढ़ जाना, अचानक बेहोशी आना, ठंड और कंपकंपी लगना, एकदम से शरीर में कमजोरी का आना और निरंतर बढ़ते जाना, बच्चों में चमड़ी पर नीले रंग के निशान और धब्बे बनना, सांस लेने में तकलीफ महसूस करना।

धर्मकोटएरिया में मिला संदिग्ध : कुछदिन पहले जिले के कस्बा धर्मकोट निवासी 32 वर्षीय महिला के स्वाइन फ्लू से पीडि़त होने की पुष्टि हुई है। जिसे उसके परिजनों की ओर से सरकारी अस्पताल में लाकर शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। महिला के संदिग्ध होने के चलते उसे लुधियाना के अपोलो अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

इसकी सूचना मिलने पर एपीडिमोलॉजिस्ट डा. मनीष अरोड़ा की ओर से लुधियाना के सेहत प्रशासन को इसकी सूचना देकर महिला का टेस्ट करवाया गया। पुष्टि होने पर उसके संपर्क मे आए लोगों की आवश्यक शारिरीक जांच कर उन्हें दवाइयां मुहैया करवा दी गई। डाॅ. मुनीष अरोड़ा अब महिला के स्वस्थ होने की पुष्टि की है।

^एचवनएनवन के किसी भी संदिग्ध मरीज की जांच के लिए उसके गले से स्वैब सैंपल लेकर टेस्ट किया जाता है। जिसके लिए सिविल अस्पताल के गले, नाक कान की बीमारी के माहिर डाॅ. राजेश अत्री डा. अशोक सिंगला को जिला नोडल अफसर नियुक्त किया गया है। वहीं सिविल अस्पताल में दवाई टेमी फ्लू भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवा दी गई है। डाॅ.मनीष अरोड़ा, एपिडिमोलॉजिस्ट

पीजीआई से होता है स्वाइन फ्लू के संदिग्ध का टेस्ट

^स्वाइनफ्लू के किसी भी संदिग्ध का गले से स्वैब सैंपल लेकर उसे स्वाइन फ्लू की पुष्टि के लिए चंडीगढ़ के पीजीआई भेजा जाता है। जिसकी रिपोर्ट तीन से पांच दिन में जाती है। यहां के किसी अस्पताल मेें स्वैब की चैकिंग होने की सुविधा नहीं है। डाॅ.रेणु मंगला, सिविल सर्जन

आइसोलेशन वार्ड है सुविधाओं से लेस

^सेहतविभाग की ओर से सिविल अस्पताल में वेंटिलेटर अन्य आवश्यक सुविधाओं से लेस आइसोलेशन वार्ड स्थापित कर दिया गया है। ताकि अचानक आवश्यकता पड़ने पर किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। डाॅअरविन्द्रपाल सिंह गिल, एसएमओ

गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल काॅलेज में मरीज का चेकअप करते हुए डाक्टर।

जिला स्तरीय सिविल अस्पताल में स्थापित किया गया आइसोलेशन वार्ड।