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शामलात की भूमि पर कब्जे की कोशिश के आरोपों को नकारा

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज| धूरी (संगरूर)

ककड़वालमें शामलात जमीन हथियाने की कोशिश के मामले को साजिश करार देते हुए गांव के किसान बलवीर सिंह ने मीडिया के सामने इस जमीन से संबंधित दस्तावेज पेश करते हुए कहा कि गांव का एक व्यक्ति इस मामले को उठाकर उसके साथ निजी रंजिश निकालने की कोशिश कर रहा है। गांव की मरबाबंदी के दौरान उनकी जमीन की कीमत घटने के चलते एडीशनल डायरेक्टर मरबाबंदी , पंजाब ने 1995 में उन्हें यह जमीन दी थी तथा इस जमीन की जमाबंदी भी उनके नाम पर ही है।

उन्होंने बताया कि जमीन उन्हें दिए जाने के बाद गांव के ही कुछ व्यक्तियों द्वारा इस फैसले के खिलाफ मानयोग हाईकोर्ट में अपील की गई थी, जिसको अदालत द्वारा खारिज कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि इसके बाद विरोधी पक्ष द्वारा डिप्टी डायरेक्टर पंचायत विभाग के पास अपील करने पर फैसला उनके खिलाफ हो गया था, लेकिन इस फैसले के खिलाफ उन्होंने डायरेक्टर पंचायत विभाग के पास अपील करने पर फिर से फैसला उनके हक में हो गया था। उन्होंने बताया कि इसके बाद फिर विरोधी पक्ष द्वारा उक्त फैसले के खिलाफ उनके विरुद्ध पहले हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट में भी अपील की गई थी, लेकिन इन दोनों शीर्ष अदालतों में भी विरोधी पक्ष की अपील को खारिज कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि इतनी लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने भारी जद्दोजहद के बाद उनके हक में आए फैसलों को लागू करवाने तथा कानूनी ढंग से कब्जा वारंट कटवाने के बावजूद अभी तक उन्हें अपना हक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि इस विवाद को कुछ व्यक्तियों द्वारा अपनी निजी रंजिश निकालने का माध्यम बनाने तथा किसान संगठन को इस्तेमाल करके अदालती फैसले को लागू करवाने में देरी हो रही है। उन्होंने इसके लिए प्रशासन से उन्हें शीघ्र इंसाफ दिलाने की मांग भी की। (राजेश टोनी)

किसान बलवीर सिंह मीडिया के सामने करके अपना पक्ष रखते हुए।