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श्रद्धा उल्लास से मनाया गुरुपर्व

7 वर्ष पहले
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सिखोंके पहले गुरु श्री गुरु नानक देव जी का 545वां पावन आगमन पर्व वीरवार को पूरे जिले में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। जिसके तहत धूरी गेट स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में 3 नबंवर से लेकर 6 नवंबर तक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वीरवार की सुबह की श्रद्धालुओं ने गुरुघरों में पहुंच कर गुरु के दरबार में हाजरी लगवाई। रात के समय लोगों ने घरों में दीपमाला कर पटाखे चलाए। इस दौरान गुरुद्वारों में संकीर्तन का आयोजन किया गया। जिसमें सिख संगत झूमते रहे।

प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधि ने बताया कि 6 नवंबर की सुबह 9 बजे गुरुद्वारा साहिब में रखे गए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अखंड पाठ के भोग डाले गए। साढ़े 9 से साढ़े 10 बजे तक रागी जत्था भाई बलजीत सिंह जी, साढ़े 10 से साढ़े 11 बजे तक भाई जरनैल सिंह कोहाडक़ा, साढ़े 11 से 1 बजे तक संत प्यारा सिंह सिरथले वाले 1 से 2 बजे तक ढाडी जत्था भाई बलदेव सिंह की ओर से गुरु का गुणगान किया।

रात 7 से 8 बजे रागी जत्था भाई बलजीत सिंह जी, 8 से 9 बजे भाई जरनैल सिंह कोहाडक़ा, 9 से साढ़े 10 बजे संत बाबा सुखविंदर सिंह टिब्बे वाले, साढ़े 10 से 12 बजे ढाडी जत्था भाई बलवीर सिंह, 12 से सवा 1 तक ढाडी जत्था भाई बलदेव सिंह सवा 1 बजे श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ के श्लोक आरंभ किए गए। इस दौरान भारी संख्या में सिख संगत मौजूद थे।

संगरूर: गुरूद्वारा श्री गुरू सिंह सभा में में कीर्तन करता जत्था।

संगरूर में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में में माथा टेकते श्रद्धालु।

संगरूर में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में कीर्तन का आनंद उठाते श्रद्धालु।