किसान हितैषी नहीं सरकार : सीबिया
पंजाबकांग्रेस के राज्य उप प्रधान पूर्व हलका विधायक सुरिंदरपाल सिंह सीबिया ने कहा है कि अकाली-भाजपा सरकार ने गन्ने के दाम में चुपचाप कटौती करके साबित कर दिया है कि यह सरकार किसान हितैशी नहीं बल्कि राज्य की कृषि की सबसे बड़ी दुश्मन है।
सीबिया ने कहा कि नवां शहर, बुढ़ेवाल , नकोदर, भोगपुर, गुरदासपुर, मोरिंडा, अजनाला, फाजिल्का बटाला, धूरी आदि में स्थित सहकारी चीनी मिलों में किसानों के साथ गन्ने की किस्म 0238 के लिए 295 रुपए प्रति क्विंटल बाऊंड किया गया था परंतु अब बादल सरकार ने इस दाम को घटाकर 285 रुपए कर दिया है। सीबिया ने कहा कि पंजाब का किसान तो पहले ही कर्ज की मार के नीचे दबा हुआ है। ऊपर से सरकार ऐसे किसान विरोधी फैसले लेने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि 0238 गन्ने की अगेती फसल है और पंजाब में 70 प्रतिशत किसानों ने यह फसल बीज रखी है। ऐसे में गन्ने की इस किस्म की बिजाई करने वाले प्रत्येक किसान को एक एकड़ के पीछे 10 रुपए घटने से 5000 रुपए प्रति एकड़ की मार झेलनी पड़ रही है। सीबिया ने कहा कि वह तथ्यों के आधार पर किसी भी सत्ताधारी नेता के साथ इस मुद्दे पर बहस करने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि जिला संगरूर के किसानों में गन्ने की बिजाई के लिए ज्यादा रुझान है इसलिए वह अपने किसान भाईयों के साथ ऐसी धक्केशाही को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने अपने फैसले पर दोबारा विचार किया तो वह धूरी चीनी मिल का घेराव करने के लिए मजबूर होंगे।
इस मौके रणजीत सिंह तूर उप प्रधान किसान खेत मजदूर सैल पंजाब, वरिंदर सिंह पंनवां ब्लाक प्रधान भवानीगढ़, हरजीत सिंह नूरपुरा, दर्शन सिंह कालाझाड़, हरे राम पंनवां, निरंतक सिंह बालियां, गुरजंट सिंह घाबदां, कौर सिंह पूर्व सरपंच सारों, अवतार सिंह पूर्व सरपंच गंगा सिंह वाला, अवतार सिंह तारी मंगवाल, कर्मजीत सिंह चंगाल, चंगाल सिंह पूर्व सरपंच बंगांवाली, गुरपाल सिंह गुड्डू फतेहगढ़ छन्ना, परमिंदर सिंह, मनजीत सिंह रूपाहेड़ी, जगदेव सिंह रूपाहेड़ी, रणबीर सिंह भोला, तरसेम सिंह थलेसां, प्रितपाल सिंह कलौदी आदि मौजूद थे।